मोतिहारी शहर के एक मोहल्ले में दहेज में सोने का चेन नहीं देने पर दरवाजे पर आयी बारात लौट गयी। लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हा उसके पिता, बहनोई व भाई को बंधक बना लिया। पंचायती के बाद खर्च में पांच लाख रुपये की वसूली हुई उसके बाद दूल्हा को बंधक से मुक्त किया। बारात समय पर पहुंची और दरवाजा लगी। वरमाला हुआ। बराती भोजन किये। शादी भी शुरु हो गयी। सिन्दूर दान के समय दूल्हा सोने के चेन के लिये अड़ गया। बात इतनी आगे बढ़ गयी वह शादी करने से ही इंकार कर दिया।
