लंबी दूरी की बसे नेशनल हाईवे के किनारे ही खड़ी कर यात्रियों को बैठाया जाता है। छतौनी नेशनल हाईवे के किनारे यह नजारा देखने को मिल सकता है। सड़क के किनारे छतौनी नेशनल हाईवे के किनारे अघोषित रुप से टिकट काउंटर बना है। जिससे सरकार को प्रत्येक माह लाखों रुपये राजस्व का नुकसान होता है। पर्व के समय अत्यधिक भीड़ होने पर सीट देने के नाम पर बसों में ठूंस-ठूंस कर यात्रियों को बेंच पर बैठाया जाता है। भोले-भाले यात्रियों को सीट देने के नाम पर दलाल कमीशन पर काम करते है। दिल्ली जाने वाले यात्री नाम नहीं छापने के आधार पर बताया कि आगे का सीट देने के नाम पर बात किया गया है। जब सीट बुकिंग कराया गया तो बीच के सीट को बुक किया गया है। छतौनी नेशनल हाईवे के किनारे दिल्ली से लेकर सिलीगुड़ी, कलकत्ता, रांची सहित अन्य स्थानों के लिए जाने वाली लंबी दूरी की गाड़ियां खड़ी रहती है।