जीविका दीदियों की बनाई पोशाक ही स्कूलों के छात्र पहनेंगे। इसके अलावा अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थानों में भी जीविका दीदियों के बनाए गए कपड़े और यूनिफार्म का ही इस्तेमाल होगा। सरकारी संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की आपूर्ति के लिए नई इकाई खोली जाएगी।इस इकाई में कपड़ों के उत्पादन के साथ ही दीदियों को सिलाई के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां से प्रशिक्षण लेकर जीविका दीदियां अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, स्कूल और अन्य सरकारी संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले कपड़े और यूनिफार्म की सिलाई का काम करेंगी। यह सिलाई इकाई जीविका दीदियों के लिए आय का जरिया बनेगा।  इस इकाई से जीविका दीदियों को अच्छी आमदनी होगी। दीदियां आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। सरकारी संस्थानों को भी सस्ती दर पर कपड़े की आपूर्ति की जाएगी। प्रखंड स्तर पर छोटे- छोटे सेंटर खोले जाएंगे। इसमें भी सिलाई का काम दीदियों को दिया जाएगा। कैबिनेट में यह फैसला लिया गया था कि सरकारी संस्थानों में जीविका दीदियों के बनाएं कपड़े का ही इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए बिहार में नौ केंद्रों को मंजूरी मिली थी।