शहर के एलएनडी कॉलेज में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् द्वारा संपोषित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन मंगलवार को द्वितीय तकनीकी सत्र व समापन सत्र का आयोजन किया गया।राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय था ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में दर्शन, विज्ञान व प्रौद्योगिकी’ । प्राचार्य प्रो.अरूण कुमार, भौतिकीविद् डॉ.सर्वेश दूबे, मीडिया प्रभारी डॉ. कुमार राकेश रंजन, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ.परमानंद त्रिपाठी व प्रो.प्रियरंजन झा द्वारा द्वितीय तकनीकी सत्र शुभारंभ किया गया। मुख्य वक्ता डॉ.सर्वेश दूबे ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए क्वांटम फिजिक्स व क्वांटम कंप्यूटर को रेखांकित करते हुए कहा कि मनुष्य एक सहभागितापूर्ण ब्राह्मांड में निवास करता है। दर्शनशास्त्रत्त् विभागाध्यक्ष डॉ.राजेश कुमार सिन्हा ने पाश्चात्य दर्शन, सभ्यता व संस्कृति की अपेक्षा भारतीय सभ्यता व संस्कृति को स्व-अनुशासित व सुसंस्कृत बताया। उनके अनुसार भारतीय दर्शन मनुष्य के लिए एक सुव्यवस्थित जीवन जीने की कला है। समापन सत्र में मीडिया प्रभारी डॉ. कुमार राकेश रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच का सफल संचालन प्रो. प्रियरंजन झा ने किया। डॉ.राजेश कुमार सिन्हा, डॉ.पिनाकी लाहा आदि थे।