मोतिहारी में जांच में उदासीनता से बढ़ रही है टीबी मरीजों की संख्या मोतिहारी। जिले से वर्ष 2025 में टीबी उन्मूलन का टारगेट है। मगर हालत यह है कि जिले के 27 टीबी जांच केंद्रों में 13 जांच कें द्रों पर टीबी की जांच नहीं हो रही है। वहीं दूसरी ओर टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसका खुलासा निजी डॉक्टरों के यहां से रेफर मरीजों से हो रहा है। एक दर्जन चिकित्सकों को जोड़ा गया है टीबी उन्मूलन को लेकर अभियान से मिली जानकारी के अनुसार इस जिले को टीबी मुक्त करने के लिये सरकार ने अधिक से अधिक जांच करवाने व तत्परता पूर्वक इलाज कर बीमारी को 2025 तक उन्मूलन करने का निर्देश दिया है। इसके लिये निजी डॉक्टरों के यहां मिले मरीजों को भी मुफ्त दवा से लेकर अन्य सुविधा देने का निर्देश दिया है। जिसके आलोक में जिले के करीब एक दर्जन चिकित्सकों को इस अभियान से जोड़ा गया है। जिनमें डॉ डी.नाथ, डॉ आशुतोष शरण, डॉ. टी पी सिंह, डॉ अतुल कुमार, डॉ दिलीप कुमार, डॉ यू.एस. पाठक व डॉ. संतोष कुमार सिंह सहित ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सक भी शामिल हैं। कहते है अधिकारी जिला यक्ष्मा अधिकारी डॉ कुमार रंजीत रॉय बताते हैं कि लैब टेक्नीशियन के नहीं रहने के कारण जांच बाधित है। सरकार से लैब टेक्नीशियन की मांग की गयी है। तब तक इस केंद्र को अगल बगल के केंद्र से टैग किया गया है। दवाओं की कमी नहीं है।
