सभी तालाब, जलाशय, नदी, मन और चौर का डाटाबेस होगा तैयार पीपराकोठी। सभी जलस्रोतों तालाब, जलाशय, मन, नदियों, चौर आदि का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। मछली उत्पादन का वास्तविक आंकड़ा एकत्र करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए विशेषज्ञों व कर्मियों की सेवा ली जाएगी। इनके द्वारा गांवों में जाकर सर्वे आदि का भी कार्य कराया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने इसके लिए स्वीकृति दी है। विभाग ने कहा है कि वर्तमान में मछली उत्पादन का आंकड़ा बाजार में मछलियों का आगमन, आयात-निर्यात आदि का एकत्र किया जाता है। अधिकांश जलस्रोत ग्रामीण इलाकों के दूर-दराज क्षेत्रों में हैं, जिससे मछली उत्पादन का आंकड़ा प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसलिए केंद्रीय अंतर्देशीय मत्यसिकी अनुसंधान के सॉफ्यवेयर के माध्यम से उत्पादन का डाटा एकत्र किया जाएगा। इसके अंतर्गत जलस्रोतों का भौतिक सर्वेक्षण दो माह में पूरा किया जाएगा। जलस्रोतों का तीन समूह बनेगा। पहले में दस हेक्टेयर तक के तालाब, झीलें आदि रहेंगी। दूसरे समूह में दस हेक्टेयर से अधिक तालाब और झीलें रखी जाएंगी। वहीं, दूसरे समूह में विशाल जलस्रोत जैसे, नदियां, नहरे आदि को रखा जाएगा। सर्वे और डाटाबेस का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा। विभाग ने कहा है कि मछली उत्पादन का सही आंकड़ा प्राप्त होने से योजनाओं को बनाने, उसकी मॉनिटरिंग और मूल्यांकन कार्य में सुविधा होगी। परियोजना समन्वयक और डाटा इंट्री नियुक्त होंगे।