पताही प्रखंड क्षेत्र में महापर्व छठ के चार दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन खरना धूमधाम से मनाया गया। व्रती महिलाओं ने गुड़ व चावल की खीर बनाई। खरना मन की शुद्धि का त्योहार माना जाता है। जहां नहाय-खाय को तन की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है, वहीं खरना भी साफ-सफाई और मन की शुद्धि का प्रतीक है। मिट्टी के चूल्हे पर खीर और सादी रोटी बनाई गई। सात्विक भोजन प्रसाद लेने के बाद व्रती महिलाओं का व्रत शुरू हो गया। संतान प्राप्ति व संतान के सुख समृद्धि के लिए किए जाने वाले इस व्रत में व्रती महिलाएं दो दिन तक जमीन पर ही सोएंगी
