सुप्पी प्रखंड के मोहनी मंडल पंचायत नजदीक वार्ड नंबर दो में डिस्पेंसरी बना भैंस का तबेला। जहां पर ग्रामीणों का इलाज होना चाहिए उसी डिस्पेंसरी में भैंस और गाय बांधी जाती है। बताते चलें कि यह हालात कम से कम 15 वर्षों से है इसके बारे में किसी को कोई निगरानी नहीं हो पा रही है। ग्रामीण महिलाएं डिलीवरी कराने और कई समस्याओं के लिए डायरेक्ट बड़े हॉस्पिटल को दरवाजे तक आना पड़ता है। यहां पर कोई डॉक्टर नहीं आते हैं और ना ही कोई देखरेख करने वाले अधिकारी है।