एड्स एक लाइलाज बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानवीय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। एड्स का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो सका है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। जिले में इस वर्ष अभी तक 350 एड्स के मरीज हैं। यह बातें एड्स के नोडल सह जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ रंजीत कुमार राय ने सोमवार को हुई आम बैठक में कही । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
