जब चुनाव का समय आता है तब आम लोगों में नई उम्मीदें दलीय से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों तक का चुनावी घोषणा को जनता गंभीरता से लेती है. जातिवाद के राजनीतिक माहौल में कोई दलगत तो कोई निर्दलीय प्रत्याशी को वोट देकर बेहतर व्यवस्था की उम्मीद करता है