मोहम्मद मंजर आलम प0 चम्पारण बेतिया जिला बेतिया जिला के विभिन्न जगहों से बसों में भेड़ बकरियों की तरह भर भर कर बिहार के प्रवासी मजदूरों को आखिरकार उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश तथा अन्य राज्यों में जाने क्यो दिया जा रहा है। जब कि हमारे बिहार में ख्याली कहावत वाली फैक्टरीयां लग ही चुकी है। तो फिर दूसरे राज्यो में जाने का क्या कारण है। रोजगार जब है ही तो प्रवासी मजदूर दूसरे राज्य में जाने को क्यो मजबूर है। बिहार के लोकसभा चुनाव है वोटिंग हेतु वोटरों को रहना जरूरी है पर लोगो को नेतावो से मतलब नही है। मजदूरों को दो वक्त की रोटी चाहिए उन्हें और उनके परिवार के लिए जो बिहार सरकार देने में सक्षम नही है। 15 वर्ष इंतजार करने के बाद अपने बिहार में कोई उधोग नही क्या सिर्फ राजनीति ही रहेगा बिहार में या काम भी बोलेगा?