कंट्रोल रुम से नागरिकों को मिल रही कोरोना पर उचित सलाह • प्रत्येक पीएचसी में रोज आ रहे 70 से 90 कॉल्स • गांव वाले बाहर से आने वालों की दे रहे जानकारी • कोरोना के लक्षण दिखने पर समाज से बनाएं दूरी सीतामढ़ी। 27 मार्च ‘‘हैलो...मैं कंट्रोल रुम से डाॅ आरके यादव बोल रहा हूं। कहिए क्या दिक्कत है....। सर.. मेरे गांव में दो व्यक्ति बाहरी राज्य से आए हैं। उन्हें सर्दी खांसी तो नहीं है, पर हम गांव वालों ने उसे अभी क्वारांटाइन के लिए बने स्कूल में भेज दिया है। तभी डॉक्टर साहब बोलते हैं, आप अपने गांव का नाम और बाहर से आए व्यक्ति का नाम लिखाइये । मैं अभी नजदीकी पीएचसी को जांच के लिए वहां भेजता हूं’’. कुछ इसी तरह की बातें और फोन पर ही कोरोना के लक्षण बताते कंट्रोल रुम के चिकित्सक लोगों को होम क्वारंटाइन की सलाह देते नजर आ रहे हैं। दिन भर में करीब 70 से करीब 90 कॉल उठाने के बाद भी कंट्रोल रुम अनवरत चलता नजर आ रहा था। इस बाबत केयर जिला संसाधन ईकाई के डीटीएल मानस कुमार कहते हैं कि प्रत्येक पीएचसी का यही हाल है। दिन भर में पूरे जिले में 1000 से भी उपर फोन आ रहे हैं। आ रहे फोन कॉल्स में कोरोना या आम बीमारी को लेकर काफी अहम सवाल पूछे जा रहे हैं। डॉक्टर उन्हें कभी साधारण फ्लू के लक्षण में भी एहतियातन घर में रहने तथा खांसने या छींकते वक्त टीशू पेपर या रुमाल रखने की सलाह देते हैं। वहीं जहां कहीं भी बाहरी राज्यों से आए लोगों की खबर मिलती है तो तुरंत ही होम वीजिट कर लोगों की जांच की जाती है। जिला प्रशासन के साथ यहां के प्रखंडों में कंट्रोल रुम के साथ वहां के पीएचसी में 5 तथा सीएचसी में 20 बेड के आइसोलेशन वार्ड का इंतजाम किया गया है। प्रत्येक आइसोलेशन वार्ड का अपना शौचाालय है। जिले में वेक्टर बोर्न रोग रोकथाम पदाधिकारी का नंबर 7762882756 पर कोई भी व्यक्ति कोरोना के संदिग्ध या इससे संबंधित समस्या का निराकरण करा सकता है। कोरोना से बचाएगा होम क्वरंनटाइन डॉ. आरके यादव ने बताया कोरोना के खतरे के बीच इससे बचाव के लिए कई उपाय सामने आ रहे हैं। अगर किसी को सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार है और वह अपने घर के लोगों के साथ अन्य लोगों को इस बीमारी से दूर रखना चाहते हैं तो होम क्वारंटाइन ले सकते हैं। इसका मतलब है अपने घर मे रहते हुए अपने आप को दूसरों से अलग कर लेना। अगर आपको कोरोना के लक्षणों में कुछ भी दिखता है तो आप अपने आप को एक कमरे में अलग कर लें। इससे आपके अपने लोगों में संक्रमण का खतरा बहुत कम होगा। साधारण फ्लू और कोरोना के लक्षण में है अंतर बदलते मौसम में फीवर, गले में खराश, खांसी आदि मौसमी फ्लू या फिर स्वाइन प्लू के कारण होते हैं। इसे कोरोना वायरस मानकर इससे घबराए नहीं। कोरोना वायरस के लक्षणों में मरीज को बुखार आता है, सूखी खांसी होती, मांसपेशियों में दर्द होता है और थकान होती है। कुछ मरीजों में सिर दर्द, खांसी के साथ खून और डायरिया भी होता है। कोरोनावायरस से बचाव के टिप्स • हाथ धोएं • दिन भर में बीमारी फैलाने वाले किटाणु आपके हाथों में लगें हैं, उनसे बचने के लिए बार-बार हाथ धोएं. • ग्लोबल एडवाइजरी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि कोविड -19 कोरोनावायरस से बचने के लिए हाथों की हाइजीन सबसे ज्यादा जरूरी है। • अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने साबुन और पानी से हाथों को धोने को सबसे अच्छा बचाव का तरीका बताया है। • अगर साबुन ना हो तो आर अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं ये है हाथ धोने का सही तरीका, 5 स्टेप में जानें: o सबसे पहले अपने हाथों को पानी की टैप के नीचे गीला करें और पानी की टैप बंद कर दें। o इसके बाद हाथों में साबुन अच्छे से हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच में और नाखूनों के आसप-पास अच्छे से लगाएं। o 20 सेकेंड के लिए हाथों को स्क्रब करें। o साफ पानी से अपने हाथ धोएं o सूखे साफ कपड़े से अपने हाथों को पोछें।