बिहार राज्य के पश्चमी चम्पारण ज़िले के वाल्मीकि नगर से डी आनंद ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि मलेरिया से रोकथाम बहुत ज़रूरी है। मलेरिया मादा एनाफ्लीज़ मच्छर के काटने से होता है। इससे बचने के लिए रात को सोते समय हमें हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।हमें अपने आस-पास साफ़-सफाई रखना चाहिए।नालों में गन्दा पानी को इकठ्ठा ना होने दे।गंदे पानी में समय समय पर किरोसिन रहना चाहिए। इसके अलावा अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क कर अपने इलाके में दवाइयों का छिड़काव समय-समय पर कराते रहना चाहिए।जिससे मलेरिया के मच्छर नहीं पनप पाते है। अगर मलेरिया के लक्षण हमें दिखाई दें, जैसे रुक-रुक कर बुखार का आना, हलकी ठंढ का लगना, तो हमें तुरंत ही अस्पताल जाकर इसका समय रहते इलाज़ कराना चाहिए।जिससे समय रहते उपचार संभव हो सके। मलेरिया से जानकारी ही बचाव है।स्वयं जागरूक हो और समाज को भी जागरूक करें।साथ ही उन्होंने कहा की चम्पारण मोबाइल वाणी का यह प्रयास काफी सराहनीय है।
