बक्सर किला मैदान में फुटबॉल टूर्नामेंट के मुकाबले में पटना को 2-0 से हराकर खैराबाद पहुंचा फाइनल में।
चतरा को झारखण्ड या छोटा नागपुर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। 1857 के विद्रोह के दौरान छोटानागपुर में विद्रोहियों और ब्रिटिशों के बीच लड़ा जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई ‘चतरा की लड़ाई’ थी। चतरा झारखंड राज्य की राजधानी से रांची जिले से करीब 124 किलोमीटर दूर है। चतरा में आप सड़क माध्यम के द्वारा पहुंच सकते है। और क्या क्या घूमने लायक है चतरा ज़िले में , ये जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
अब माता-पिता बनने का सुख दूर नहीं जानिए फ्री में अल्ट्रासाउंड फ्री में शुक्राणु जांच फ्री में परामर्श। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
18 में शहीद शशि स्मृति तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट का शुभारंभ हो चुका है बक्सर और चेनारी के बीच फुटबॉल मैच खेला गया जिसमें चेनारी की टीम विजयी रही। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ बैगन को कोहरे से बचाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बक्सर में परीक्षा देने आए एक मैट्रिक का छात्र को करंट लगने से उसका हाथ झुलस गया उसकी हालत गंभीर है वह सदर हॉस्पिटल बक्सर में भर्ती कराया गया है।
बक्सर में पुलिस के द्वारा बीते 24 घंटे में जिले में अभियान चला कर 12 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।
देश के किसान एक बार फिर नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले साल नवंबर 2020 में किसानों ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के रद्द करने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन किया था और इसके बाद अगले साल 19 नवंबर 2021 को केंद्र सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए थे, हालांकि इस दौरान करीब सात सौ किसानों की मौत हो चुकी थी। उस समय सरकार ने किसानों की कुछ मांगों पर विचार करने और उन्हें जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा अब तक नहीं हआ है। और यही वजह है कि किसान एक बार फिर नाराज़ हैं।
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है।
