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मोबाइल वाणी के माध्यम से औरंगाबाद की काजल कुमारी ने बताया की कि ध्वनि प्रदूषण शहरीकरण के कारण होता है, ध्वनि प्रदूषण तब उत्पन्न होता है वाहनों की आवाज़ लगातार कारखानों और ध्वनि, प्रवर्धकों से टकराती है , इसलिए यह कहा जा सकता है कि वांछित तेज आवाज़ जो मनुष्य के श्रवण स्वास्थ्य और आराम को बाधित करती है , उसे ध्वनि प्रदुषण कहा जाता है ।

मोबाइल वाणी के माध्यम से औरंगाबाद की काजल कुमारी ने बताया की कचरे में लोहा , एल्यूमीनियम आदि होते हैं । वे खतरनाक हैं क्योंकि वे नियंत्रण प्रणाली को कमजोर करते हैं , वे जल्दी से नष्ट नहीं होते हैं , उदाहरण के लिए , गंगा का पानी खुद को साफ कर रहा है , लेकिन शहरों में कारखाने खत्म नहीं हो रहे हैं ।

मोबाइल वाणी के माध्यम से औरंगाबाद राज्य के सिंधी कोटि बारी से काजल कुमारी ने बताया कि प्रदूषक उस तत्व को कहा जाता है जो अवांछनीय रूप में चीजों के उपयोग से उत्पन्न होता है । दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि मानव उपयोग के अपशिष्ट पदार्थ जैसे कचरा , अपशिष्ट रसायन , धुआं , धूल आदि को प्रदूषक कहा जाता है , जिसका प्रभाव पर्यावरणीय क्षरण और औद्योगिक देशों में प्रदूषणकारी पदार्थों का उत्पादन है । अधिकांश कुछ प्रमुख प्रदूषण निम्न प्रकार है अवक्षेपित पदार्थ, गैस, रासायनिक, धातु, कीटनाशक, रेडियोधर्मी पदार्थ,, उर्वरक है । प्रदूषण के स्रोत मुख्य रूप से तीन हैंः पहला प्राकृतिक स्रोत , दूसरा मानव स्रोत , तीसरा मानव - प्राकृतिक मिश्रण ।

मोबाइल वाणी के माध्यम से औरंगाबाद की काजल कुमारी ने बताया की पर्यावरण प्रदुषण क्या है ? प्रदूषण को पृथ्वी में अवांछित हानिकारक पदार्थो का प्रवेश के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो पर्यावरण और जीवों पर हानिकारक प्रभाव डालते है है यह परिस्थतिक संतुलन को नस्ट कर देता है पर्यावरण मुख्यतः 6 प्रकार के होते हैं

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डिस्क्रिप्शन: हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए

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