गोरखपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, विनय शंकर तिवारी के आवास पर ई०डी की छापेमारी को लेकर समजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचा और संबंधित आधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा। समाजवादी नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, विनय शंकर तिवारी (पूर्व विधायक) पूर्वांचल में अपने समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता हैं। भाजपा सरकार अपने राजनैतिक विरोधियों को येन केन प्रकारेण परेशान करने एवं दबाव बनाने पर अमादा है, जो न्यायोचित नहीं है। राजनीतिक षड़यन्त्र के तहत बदनाम करने के लिए दिनांक 23.02.2024 को सुबह से ही ई. डी. का छापा पूर्वांचल के कद्दावर नेता, प्रदेश सरकार में कई बार मंत्री रहे, स्व० पं० हरिशंकर तिवारी के आवास पर डलवाया गया है। विनय शंकर तिवारी की पूर्वांचल में अच्छी पकड़ है। जबसे वह व उनका परिवार सपा में शामिल हुआ है तभी से उस परिवार पर दबाव बनाने के लिए परेशान किया जा रहा है। ई.डी. का छापा डलवाकर केन्द्र व प्रदेश सरकार,तिवारी परिवार को बदनाम करने पर तुली हुई है। वरिष्ठ सपा नेता के आवास पर आसन्न लोकसभा चुनाव को देखते हुए छापा पड़ा है।लोकसभा चुनाव में आसपास के सीटों पर उस परिवार की अच्छी पकड़ है। लोकसभा चुनाव के समय इस परिवार पर शिकंजा कसकर बदनाम करने की नीयत से छापेमारी करायी जा रही है।यह कार्यवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की हत्या के समान है। ऐसे में सपा का प्रतिनिधि मण्डल राष्ट्रपति महोदया से ऐसी कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, जिला महासचिव रामनाथ यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, जिला उपाध्यक्ष मुन्नीलाल यादव, राजू तिवारी, मैना भाई सहित तमाम सपा नेता मौजूद रहे।

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भारत में हर पाँच मिनट पर घरेलू हिंसा की एक घटना रिपोर्ट की जाती है। नेशनल फैमिली हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार सख्त घरेलू हिंसा कानून- 2005 होने के बावजूद देश में हर तीन महिलाओं में से एक महिला घरेलू हिंसा की शिकार हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 79.4% महिलाएं कभी अपने पति के जुल्मों की शिकायत ही नहीं करती। दोस्तों, हर रोज महिलाओं के खिलाफ जुर्म बढ़ रहे हैं , क्या अब हमारी संस्कृति को ठेस नहीं पहुंच रही , जिस पर इतने डींगे हाँकते है ? समाज में उत्पीड़न, शोषण और हिंसा का निरंतर बढ़ता ग्राफ अब बढ़ता ही जा रहा है। और जिस पर हमें अपनी चुप्पी तोड़नी ही होगी। हमें इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठानी ही होगी।

उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की किसान भी अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं , किसान भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं । चूंकि उनका योगदान खाद्य सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में है , इसलिए भारत एक कृषि प्रधान देश है और लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है । वे कई फसलों का उत्पादन करते हैं , वे अनाज , फल , सब्जियां और औषधीय पौधों का उत्पादन करके देशवासियों को आवश्यक भोजन प्रदान करते हैं । इसके बावजूद किसानों का जीवन चुनौतीपूर्ण है

बचपन मनाओ बढ़ते जाओ

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गोरखपुर अनाज मंडी भाव 23 फरवरी