गोरखपुर का ऑटो गिरोह भी सामने आया अस्पताल ऑटो नेटवर्क को कमल रही पुलिस

12 घंटे तक चला पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के घर पर एड का छापा में पूर्व बेटे सांसद रहे मौजूद

झांसा देकर की महिला से शादी..गहने लेकर हुआ फरार हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ जालसाजी की घटना हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार एक युवक ने झांसा देकर और महिला का हमदर्द बनकर एक युवक ने महिला से पहले मंदिर में जाकर शादी रचा ली। उसके बाद घर बसा कर महिला के साथ रहने लगा, लगभग डेढ़ साल साथ रहते हुए महिला का विश्वास जीत लिया। इसके बाद बीती 15 फरवरी को युवक महिला का जेवर लेकर फरार हो गया। महिला के द्वारा फोन करने पर वह गालियां देने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी देता है। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती कि शादी क्षेत्र के एक गांव के युवक के साथ संतकबीरनगर जिले में स्थित तामेश्वरनाथ मंदिर में हुई थी।महिला की तहरीर पर हरपुर बुदहट थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

राजीव की डायरी कड़ी संख्या 19 घरेलू हिंसा पर घातक बनती चुप्पी

उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से आकांक्षा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं क्योंकि जो भी किसान पैसा कमाता है , जो भी किसान पैसा कमाता है । इसके द्वारा उत्पादित अनाज ही लगभग सभी व्यवसायों को संचालित करता है , चाहे वह गेहूं , चावल या दाल हो । चाहे कुछ भी हो , किसी न किसी रूप में , हम उपभोग करते हैं जो कॉर्पोरेट कंपनियां कहती हैं कि अर्थव्यवस्था के लिए सहायक है , इसलिए यह कॉर्पोरेट कंपनियों की तुलना में उनके लिए अधिक मायने रखता है । व्यवस्था में हमारे किसान मददगार हैं क्योंकि अगर किसान सरसों का उत्पादन नहीं करेंगे , अगर हमारे किसान सूरजमुखी का उत्पादन नहीं करेंगे , तो ये बड़ी कंपनियां जो रिफाइनिंग ऑयल या सरसों का तेल या कुछ और बनाती हैं । वे जो अनाज बेच रहे हैं , अगर उत्पादन नहीं होगा तो वे कहाँ से बेचेंगे , तो आज जो बड़ी - बड़ी कंपनियां साबूदाने का आटा बेच रही हैं ।आटा या विभिन्न प्रकार के अन्य उत्पाद भी बनाए और बेचे जा रहे हैं जैसे रोटी आम तौर पर आज केर की सबसे महत्वपूर्ण वस्तु है जहाँ से मैगी का उत्पादन किया जाएगा । अगर गेहूं का उत्पादन नहीं होगा , अगर चावल का उत्पादन नहीं होगा , तो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां उन्हें कहां से बनाएंगी , इसलिए कुछ भी बनाने के लिए किसानों द्वारा उत्पादित अनाज की आवश्यकता होती है । किसान इस चीज के लिए मुख्य स्रोत हैं , जब कुछ वास्तव में जमीन पर नहीं है , तो आप उसे आसमान में कहां ले जाएंगे ? कोई सोच सकता है कि अगर नए के घर किसी भी तरह से नहीं बनाए जाते हैं और हम घरों को बहुमंजिला घर बनाते हैं ,

गोरखपुर। गीडा पुलिस ने धोखाधड़ी कर गबन करने व मारपीट जैसे अपराध करने के आरोप में 01 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त शंभु शरण उपाध्याय पुत्र नागेन्द्र उपाध्याय निवासी ग्राम भदार खास विशुनपुरा पो0 ढकवा बाजार थाना सिकरीगंज का रहने वाला है। जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि 25 अक्टूबर 2023 को महिला द्वारा थाना स्थानीय पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि अभियुक्तगण द्वारा षडयंत्र कर जमीन की रजिस्ट्री करने के नाम पर धोखे से 88 लाख रुपये ले लिया गया तथा जमीन लेकर जमीन रजिस्ट्री नहींं किया गया। जब महिला द्वारा अपना पैसा वापस मांगा गया तो अभियुक्तगण द्वारा वादिनी के घर मेंं घुस कर मारा-पीटा गया तथा गाली गुप्ता देते हुये जान से मारने की धमकी दी गयी, जिसके संबंध में थाना स्थानीय मुकदमा उपरोक्त पंजीकृत किया गया।

गोरखपुर। सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा तक संपूर्ण सुरक्षा केंद्र जिला चिकित्सालय गोरखपुर मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र कालेश्वर में किया गया कैंप का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेंद्र ठाकुर और पिपरौली ब्लाक प्रमुख दिलीप यादव ने फीता काट कर किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर गणेश यादव संपूर्ण सुरक्षा केंद्र के नोडल डॉ नवीन कुमार वर्मा उपस्थित रहे। शिविर में सभी व्यक्तियों का एचआईवी हेपेटाइटिस बी और सी और क्षय रोग के लक्षणों स्क्रीनिंग पर फोकस किया गया जिसमें आम जनमानस ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया कैंप में सामान्य जांच बीपी जांच सिफीलिस और लोगो की काउंसलिंग की गई और स्वास्थ्य परीक्षण व दवा वितरण किया गया।

गोरखपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा दोबारा कराने दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओ ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर कांस्टेबल पुलिस परीक्षा दुबारा कराए जाने की मांग को लेकर यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष संतोष मौर्या और पूर्व जिलाध्यक्ष युथ बिग्रेड आजम लारी सहित तमाम युवा कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से अपना मांग पत्र राज्यपाल को सौंपा।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा लीक और आरओ/एआरओ पर्चा लीक के ख़िलाफ़ और दुबारा परीक्षा करवाने की मांग को लेकर दिशा छात्र संगठन की ओर से गोरखपुर विश्वविद्यालय मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद बिस्मिल तिराहे तक पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन में बात रखते हुए दिशा छात्र संगठन की अंजलि ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPPB) द्वारा 17 और 18 फ़रवरी को यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा करायी गयी है। "कड़े क़ानून" के तमाम जुमलों के बीच यह पेपर भी लीक हो गया है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही पर्चा लीक हो चुका है। आज एक्स (ट्विटर) पर लाखों छात्र एक्स(ट्विटर) ट्रेण्ड चलाकर इसकी जाॅंच करवाने की माँग कर रहे हैं। पर्चा लीक होने की यह कोई पहली घटना नहीं है‌ अभी हफ़्ते भर पहले 11 फ़रवरी को RO-ARO का पर्चा लीक हो गया था। पिछले 7 वर्षों में 70 से ज़्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। यह बात भी समझने की जरूरत है कि पर्चा लीक या धाँधली आम छात्रों के बस की बात नहीं है‌। सच्चाई यह है कि बिना नेताओं, अधिकारियों, शिक्षा माफ़ियाओं की मिलीभगत के इस तरह का कोई भ्रष्टाचार का तन्त्र पनप ही नहीं सकता। देश के नौजवान 10/10 के दड़बे जैसे कमरे में अपनी नौजवानी इस उम्मीद में गुज़ार देते हैं कि भर्ती आयेगी और नौकरी मिलेगी तो अपना और देश का भविष्य सवारेंगे। आज देश में 33 करोड़ से ज़्यादा नौजवान बेरोज़गारी में धक्के खा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ़ सरकारी विभागों में 60 लाख से ज़्यादा पद खाली हैं। लेकिन इन पदों पर भर्ती निकालने के बजाय सरकार या तो इन पदों को समाप्त कर दे रही है या ठेके संविदा पर काम करवा रही है। चुनाव के दबाव में या छात्रों के आन्दोलन की वजह से भर्तियां निकलती भी हैं तो ऊंट के मुँह में जीरे के बराबर भी नहीं होती। RO-ARO की 411 सीटों के लिए 10 लाख से ज़्यादा फॉर्म डाले थे। पुलिस विभाग में 4.5 लाख से ज़्यादा खाली पद होने के बावजूद केवल 60 हज़ार पदों पर भर्ती निकाली गयी, जिसके लिए 50 लाख से ज़्यादा फॉर्म डाले गये। इसी तरह रेलवे में लम्बे समय से कोई वेकेंसी नहीं आयी थी और इस बार चुनाव के दबाव में रेलवे में 2.76 लाख पद ख़ाली होने के बावजूद भाजपा सरकार ने केवल 5697 पदों पर भर्ती निकालकर युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया है। 5-5 साल इन्तज़ार करने के बाद या तो भर्ती नहीं निकलती और अगर निकलती भी है तो पर्चा लीक हो जाता है और मामला हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट अटक जाता है। किसी तरह से यदि परीक्षा हो भी जाये तो सालों तक परिणाम नहीं आता। पाॅंच साल पहले 16000 शिक्षकों की भर्ती आयी थी, परीक्षा भी हुई लेकिन अभी तक परिणाम नहीं आया, जिसके कारण लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों का आन्दोलन कर रहे हैं। इसी तरह 2018 में VDO की भर्ती आयी थी, पेपर हुआ लेकिन अभी तक रिजल्ट जारी नहीं हुआ। दरअसल लूट की इस व्यवस्था में बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार अन्तर्निहित है। दिशा छात्र संगठन मांग करता है कि पेपर लीक मामले की तत्काल जांच करायी जाये, और साथ ही हर तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लगायी जाये। साथ ही सभी विभागों में खाली पड़े सभी पदों को तत्काल भरा जाये। "भगतसिंह राष्ट्रीय रोज़गार गारण्टी क़ानून" पारित करके सबको पक्के रोज़गार की गारण्टी की जाये। प्रदर्शन में अदिति, भरत, धनंजय, धर्मराज, चन्दा , प्रीति, अविनाश, अम्बरीष आदि शामिल हुए।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता मनीष ओझा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ईमेल के माध्यम से सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों का दशमोत्तर छात्रवृत्ति पोर्टल खोले जाने के संदर्भ में पत्र भेजा है। छात्र नेता मनीष ओझा ने कहा कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति का पोर्टल बंद होने से लगभग 4000 छात्र - छात्राएँ प्रभावित है साथ ही साथ मनीष ओझा ने कहा कि एक ही संस्था में छात्रों के साथ दोहरा व्यवहार सरकार द्वारा क्यूं किया जा रहा है यदि इस मामले का मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबधित विभाग को निर्देशित नहीं किया तो छात्रहित मे हम सभी धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।