बन संवर कर तैयार झारखंडेश्वर महादेव,को विवाह से पहले शुभ हल्दी लगई गई। विवाह से पहले मंगलगीत गाते हुए माताओं ने हल्दी लगाई। क्षेत्रीय विधायक ने किया रस्म का शुभारंभ। खजनी गोरखपुर।। भगवान शिव की पूजा उपासना और लोक आस्था का महापर्व महाशिवरात्रि को भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह पर्व के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धालु शिव भक्तों के लिए अवढ़र दानी भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के अवसर पर शिव बारात निकालने और शिवालयों पर भव्य मेले का आयोजन करने तथा मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। सनातन धर्म संस्कृति में विवाह से पहले वर वधू को हल्दी लगाने की रस्म निभाई जाती है। इसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है। आज नगर पंचायत उनवल के टेकवार चौराहे के समीप स्थित झारखंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में पीले वस्त्रों में सुसज्जित माताओं बहनों ने मंगलगीत गाते हुए श्रद्धा पूर्वक शिवलिंग पर हल्दी का लेप लगाते हुए आकर्षक साज सज्जा की,सज धज कर तैयार हुए महादेव का दर्शन करने श्रद्धालु शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला ने सबसे पहले भगवान शिव को हल्दी लगाते हुए रस्म का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माता पार्वती को भी हल्दी लगाई गई और उन्हें श्रद्धा पूर्वक वस्त्राभूषणों से सुसज्जित किया गया। भाव विभोर श्रद्धालु शिव भक्तों ने हर हर महादेव,बोल बम, ऊं नमः शिवाय का जयघोष किया। श्रद्धालु शिव भक्तों के गगनभेदी जयघोष से परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। बता दें कि महाशिवरात्रि पर्व पर अर्द्धरात्रि के बाद से ही शिव भक्तों के द्वारा जलाभिषेक,रूद्राभिषेक और पूजा अर्चना का आयोजन शुरू हो जाता है। इस अवसर पर स्थानीय लोगों में संतोष राम त्रिपाठी,दीपक दुबे, मोखन मास्टर,अजय गिरी,मृत्युंजय पांडेय,अवधेश मद्धेशिया,शुभम त्रिपाठी, टिंकू सिंह, विकास त्रिपाठी,छोटू गिरी,राहुल मद्धेशिया, निखिल, शुभम मद्धेशिया,देवेंद्र यादव,विनय निगम,झारखंडेश्वर सदस्यों सहित सफाई नायक भरत कुमार, सुशील कुमार सहित सभी नगर पंचायत उनवल के सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
पानी को कैसे बचाए
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि आत्महत्या एक गंभीर मानसिक समस्या है जो एक व्यक्ति को प्रभावित करती है । इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि दुखद घटनाएँ , अज्ञानता और सामाजिक दबाव । आत्महत्या के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को अपनी जान लेने वाला माना जाता है । सामाजिक और मानसिक दुविधा को समाप्त करने का निर्णय आत्म - नियंत्रण और असहायता की कमी हो सकती है , आत्महत्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मानसिक स्वास्थ्य समस्या।
शिक्षा कैसी होनी चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि धन के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को भ्रष्टाचार और बड़े पर्चे का सामना करना पड़ सकता है । दूसरी तरफ से धन जुटाना । कई बार , निजी कंपनियां और बड़े व्यवसाय भी शामिल होते हैं , जो फिर से राजनीतिक रूप से लाभान्वित हो सकते हैं , जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक नेताओं और दलों की नीतियों पर नियंत्रण होता है ।
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गोरखपुर महा योजना 2031 बंद होंगे आवास नक्शा भी हो सकेगा पास भारी भरकम धनराशि देने से मिलेगी मुक्ति
गोरखपुर अनाज मंडी भाव 7 मार्च
एसएसपी के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी ने बूथों का निरीक्षण किया। खजनी गोरखपुर।। आगामी आम चुनावों (लोकसभा चुनाव-2024) की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सरगर्मियां खासी तेज हो गई हैं। जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी डाॅक्टर गौरव ग्रोवर के निर्देश पर आज क्षेत्राधिकारी खजनी ओंकारदत्त तिवारी ने थाना क्षेत्र में स्थित पोलिंग बूथों का निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं और सुरक्षा की स्थिति की जानकारी ली। विशेषकर संवेदनशील माने जाने वाले और घनी आबादी वाले बूथों के संदर्भ में जानकारियां ली गईं। इस दौरान कस्बा संग्रामपुर उनवल नगर पंचायत क्षेत्र के बूथों का हाल जाना। बता दें कि उनवल नगर पंचायत सहजनवां विधानसभा क्षेत्र तथा गोरखपुर सदर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, साथ ही घनी मिश्रित आबादी वाले नगर पंचायत क्षेत्र में मतदान केंद्रों और पोलिंग बूथों के प्रत्येक कक्ष तक पहुंच कर खिड़कियों दरवाजों दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप बिजली व्यवस्था शौचालय पेयजल की उपलब्धता सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की पड़ताल करते हुए सिलसिलेवार जायजा लिया और मातहतों को आवश्यक विभागीय दिशा-निर्देश दिए। निरिक्षण के दौरान चौकी इंचार्ज सोनेंद्र सिंह और अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से दिति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि आत्महत्या लैटिन सोसिडियम सुसाइड कैडर से ली गई है जिसका अर्थ है खुद को मारना । जानबूझकर अपनी मौत का कारण बनने के लिए काम करना आत्महत्या अक्सर अवसाद के कारण होती है , जो अवसादग्रस्तता विकार , शराब या मादक द्रव्यों के सेवन जैसे मानसिक विकारों और वित्तीय कठिनाई जैसे तनाव कारकों के कारण होती है । या पारस्परिक संबंधों के साथ समस्याएं अक्सर एक भूमिका निभाती हैं । आत्महत्या को रोकने के प्रयासों में फायरप्लेस तक पहुंच को सीमित करना और मानसिक बीमारी के लिए उपचार , नशीली दवाओं के उपयोग को रोकना और आर्थिक विकास में सुधार करना शामिल है । सबसे आम विधि देश के अनुसार भिन्न होती है । इतिहास सम्मान और जीवन के अर्थ जैसे व्यापक अस्तित्वगत विषयों द्वारा आत्महत्या के विचारों को प्रभावित करता है । आत्महत्या , जिसे पूर्ण आत्महत्या भी कहा जाता है , अपने जीवन को समाप्त करने की एक प्रक्रिया है ।
