गोरखपुर सब्जी मंडी भाव 5 जनवरी

गोरखपुर।v उत्तर प्रदेश प्रबंधक शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष बाबूराम पांडे के नेतृत्व में प्रबंधक और शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल बीएसए कार्यालय पहुंचा और अपना तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रबंधकों की मांग है कि शासनादेश 2013 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त अस्थाई विद्यालय को 3 साल तक कोई विवाद नहीं है तो उसे अस्थाई माना जाए, जो भी विद्यालय संचालन के लिए पुराने मानक थे पुराने मानक को बहाल किया जाए और नए मानक को निरस्त किया जाए और विद्यालय संचालन करने के लिए विद्युत कनेक्शन को कमर्शियल के जगह घरेलू कनेक्शन दिया जाए। इस दौरान तमाम प्रबंधक और शिक्षक मौजूद रहे।

गोरखपुर। कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर केवटलिया टोला स्वरूपगंज निवासी राधेश्याम मिश्र आज शास्त्री चौक स्थित प्रेस क्लब पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों द्वारा उनकी जमीन को जबरन कब्जा किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के माध्यम से पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए क्या कुछ कहा आप भी सुनें।

एक साधारण सा पौधा..जो कि झट से आपके शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ा देगा और आप बुढ़ापे में भी जवान नजर आएंगे। दरअसल इस औषधि को असल में एक खरपतवार माना जाता है, जो कहीं भी उग जाता है। जंगलों में तो यह नजर आता ही है। आयुर्वेद में इसे त्रिदोष नाशक माना जाता है। साथ ही इसकी जड़ों का बनाया गया काढ़ा शरीर का विष नष्ट करता है और बुढ़ापे की गति को भी मंद कर देता है। भारत में बहुत पहले से ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अलग-अलग प्रकार की जड़ी बूटियों का उपयोग किया जाता रहा है। भारत को आयुर्वेद का जनक भी कहा जाता है। जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। हम भारतवासी बड़ी से बड़ी बीमारी के उपचार में आयुर्वेदिक दवाओं का ही उपयोग करते रहे हैं। धरती पर हमारे आसपास ऐसी हजारों पड़-पौधे मौजूद हैं, जिनका उनके औषधीय गुणों के कारण कई दवाओं को बनाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में ऐसे पेड़-पौधों को ऊंचा दर्जा दिया गया है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की बात होती है, तो अक्सर तुलसी, गिलोय या आंवला की सबसे ज्यादा बात होती है। लेकिन कई ऐसे पौधे हैं जिनका कई बीमारियों के इलाज में दवा बनाने में यूज किया जाता है। लेकिन जानकारी के अभाव में उन्हें खरपतवार समझ कर हम उसे नष्ट कर देते हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं जंगलों में पाए जाने वाले एक साधारण से पौधे मकोय की। जिससे आयुर्वेद में कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में इसे काकमाची के नाम से भी जाना जाता है। आम तौर पर यह पेड़ों के नीचे छायादार जगहों पर ज्यादा पाया जाता है। इसके पौधे पर जमुनी और लाल रंग के टमाटर जैसे छोटे-छोटे फल लगते हैं. इस पौधे की लंबाई आमतौर पर 1 से 1.5 फीट तक होती है। साधारण सा दिखने वाला यह पौधा हमें कई रोगों से बचाने में काफी सहायक है। मकोय को असल में एक खरपतवार माना जाता है, जो कहीं भी उग जाता है। जंगलों में तो यह नजर आता ही है, साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की मेड़ में भी इसकी झाड़ी खूब नजर आएगी। शहरी क्षेत्रों के पार्क में जो ट्रैक बनाए जाते हैं, उसके दोनों तरफ बनी झाड़ियों में भी मकोय खूब दिखता है। इसका आकार मटर के दानों से कुछ छोटा होता है। फल कच्‍चा होने पर छोटे हरे मटर जैसा दिखता है और जब पक जाता है तो इसका कलर लाल, पीला या बैंगनी काला जैसा नजर आने लगता है। यह जवान बनाए रखने में बेहद मददगार होता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ त्रिवेणी कुमार द्विवेदी और डॉ.आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि आयुर्वेद में इसे त्रिदोष नाशक माना जाता है। अर्थात वात पित्त और कफ का नाश करने वाली यह औषधि है। आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में वात- पित्त और कफ तीन दोष होते हैं। जब इन तीनों में से किसी भी एक दोष की कमी या अधिकता हो जाती है। तो हम बीमार पड़ जाते हैं, इसका सेवन करने से हमें बेहद आराम मिल जाता है। इसीलिए इस औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। यह औषधि पौरुष बल तो बढ़ाता ही है, साथ ही इसकी जड़ों का बनाया गया काढ़ा शरीर का विष नष्ट करता है और बुढ़ापे की गति को भी मंद कर देता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर त्रिवेणी द्विवेदी और आकांक्षा दीक्षित के मुताबिक मकोय का प्रमुख रूप से एक औषधि पौधा है। इसका इस्तेमाल कुष्ठ और बुखार के उपचार में, सांस संबंधी विकारों को दूर करने में, किडनी की बीमारी , सूजन, बवासीर, पीलिया ,दस्त या कई प्रकार के चर्म रोग के उपचार में इसका सेवन करने से हमें बेहद लाभ मिलता है।

गोरखपुर। शांति सौहार्द, सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने गुलरिहा थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज चौकी अंतर्गत मेडिकल कॉलेज रोड पर पैदल गस्त कर आम जनमानस को सुरक्षा का एहसास कराया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए समस्त एएसपी/ क्षेत्राधिकारी/ थाना/चौकी प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में मय पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु व वाहनों का सघन चेकिंग पैदल गस्त के दौरान कर आमजन व व्यापारियों से संवाद कर नागरिकों से सुरक्षा का जायजा लिया गया।

गोरखपुर। पिपराइच पुलिस ने धाखोधड़ी कर रूपये हड़प लेने के आरोप में 01 वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अभियुक्त किशोर कुमार यादव पुत्र गंगा यादव निवासी चिलबिलवा (धूस टोला) थाना पिपराईच जनपद गोरखपुर को गिरफ्तारी किया गया।

गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरे के समुचित वैज्ञानिक विधि से निस्तारण किये जाने के लिए नगरवासियों के व्यवहार परिवर्तन के लिए नगर निगम की आई.ई.सी.टीम द्वारा नियमित रूप से प्रतिदिन विभिन्न वार्डो में घर-घर जाकर लोगो को गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक कर रही है। इसके साथ ही आई.ई.सी. टीम द्वारा वार्डो में जाकर शहरवासियों के समक्ष गीले कचरे को छाट बीन कर रखने के लिए जानकारी दी जा रही है। सभी प्रकार के गीले कचरे से कम्पोस्टिग की कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त बडे पैमाने पर जैविक कम्पोस्ट बनाने, चारकोल बनाने एवं सी.एन.जी. बायो गैस हेतु प्लाण्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी के साथ सूखे और घरेलू कचरे की श्रेणी में कौन-कौन से कचरे आएंगे इसकी भी जानकारी दी जा रही है। कचरे के पृथ्थकरण से श्रम, समय, और धन की बचत होगी, और महानगर से प्राप्त सभी कचरे का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण किये जाने से महानगर को एक दिन कचरा मुक्त नगर की श्रेणी में लाने की परिकल्पना साकार होगीं।

सरकारी परिषदीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका के नवीनतम उपन्यास 'देहरी की छांव' का भव्य विमोचन हुआ। नवोदित रचनाकार को सभी शिक्षकों ने दी बधाई। गोरखपुर।। ब्लॉक क्षेत्र के गहना गांव के सरकारी परीषदीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत निरजा चौरसिया 'वसंती' के नवीनतम उपन्यास 'देहरी की छांव' का भव्य विमोचन आज गोरखपुर के दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज के सभागार में किया गया। विमोचन के अवसर पर प्रोफेसर डॉ.ओ.पी.सिंह,डाॅ.आद्या प्रसाद द्विवेदी,डाॅ.संजयन तिवारी,प्रो रामदरश राय,प्रो.अनिल राय,प्रो. दीपक त्यागी, प्रो.कृष्णचंद्र कौशिक,रामनरेश मंजुल समेत शिक्षा और साहित्य जगत से जुड़े सशक्त हस्ताक्षर के रूप में गणमान्य साहित्यकार रचनाकार और शिक्षक उपस्थित रहे। नवोदित उपन्यासकार के रूप में शिक्षिका निरजा चौरसिया के द्वारा "स्त्री विमर्श" पर आधारित नवीनतम पारिवारिक उपन्यास "देहरी की छांव" के भव्य विमोचन और लोकार्पण के अवसर पर सभी ने शिक्षिका को बधाई देते हुए उनकी प्रतिभा और रचना को सराहा। अपने पहले उपन्यास के विमोचन पर निरजा चौरसिया ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताते हुए अपने उपन्यास को अपने पिता पराग चौरसिया माता प्रभादेवी चौरसिया और पति दिलीप चौरसिया को समर्पित करते हुए कहा कि इनके सहयोग से ही इस उपन्यास की रचना संभव हुई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष राजेश पांडेय ने बधाई देते हुए कहा कि "निरजा वसंती" का यह उपन्यास हमारे सभी शिक्षक साथियों के लिए साहित्य के क्षेत्र में उनके अपने योगदान के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। इस अवसर पर प्रियंका त्रिपाठी,विजय मिश्रा,विरेंद्र कुमार,विनय कुमार मल्ल सहित दर्जनों शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

गोरखपुर। गुलरिहा पुलिस ने 10 लीटर अवैध अपमिश्रित कच्ची शराब, 01 किग्रा यूरिया व 500 ग्राम नौसादर के साथ 01 वांछित अभियुक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पकड़ी गई अभियुक्ता सुनीता देवी पत्नी सुबाष निषाद निवासी सराय गुलरिहा थाना गुलरिहा की रहने वाली है।

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के केंद्रीय कार्यालय पर 215 वा लुई ब्रेल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत सैकड़ो दिव्यांग कर्मचारी तथा पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सम्मिलित हुए। सभा में बोलते हुए महामंत्री विनोद राय ने कहा की दिव्यांग होना कोई कमजोरी नहीं है बल्कि हम सभी को सभी दिव्यांग साथियों की मदद करनी चाहिए उनका उचित सम्मान किया जाना चाहिए। महामंत्री विनोद राय ने दिव्यांग कर्मचारियो के समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों से समस्याओं के समाधान हेतु टेलीफोन पर बात किया। महामंत्री विनोद राय ने कहा कि सभी दिव्यांग कर्मचारियो के लिए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के दरवाजे खुले हैं तथा उनकी समस्याओं के प्रति संघ गंभीरता से सोचती है। 215 वे लुई ब्रेल दिवस पर सभी दिव्यांग कर्मचारी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा मिष्ठान वितरित किया गया। सभी दिव्यांग कर्मचारियो ने महामंत्री विनोद राय तथा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा की हम सभी दिव्यांग कर्मचारी पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के साथ खड़े हैं ।कार्यक्रम में दिव्यांग कर्मचारी श्री अभिषेक गुप्ता ,परशुराम वर्मा ,शांति चौरसिया, सूरज अग्रहरि ,रमेश वर्मा, कौशलेंद्र, शशिकांत, अष्टभुजा राय, रुद्र प्रताप शामिल हुए तथा पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री एस सी अवस्थी,के एम मिश्रा, संजीव धर ,दीपक चौधरी, कुलदीप मणि त्रिपाठी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, विजय पाठक, जयप्रकाश सिंह, देवेश सिंह,ए बी पांडे ,अनिल दुबे, अजय त्रिपाठी ,दीपक प्रजापति, हरकेश बहादुर सिंह, धीरज यादव, चंद्रिका अजीत सिंह इत्यादि पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।