पृथ्वी एक ऐसी प्रणाली है जहाँ से सब कुछ जुड़ा हुआ है एक क्षेत्र में परिवर्तन अन्य सभी परिवर्तनों को प्रभावित कर सकते हैं जलवायु परिवर्तन के परिणामों में अब गंभीर सूखा, पानी की कमी आदि शामिल हो सकते हैं। बड़े पैमाने पर आग लगने से समुद्र का स्तर बढ़ सकता है, बाढ़ आ सकती है, ध्रुवीय बर्फ पिघल सकती है, विनाशकारी तूफान आ जैव विविधता में गिरावट आ सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आने वाले वर्षों में जल संकट की समस्या और अधिक गंभीर हो जाएगी। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अधिक से अधिक लोग पानी की कमी के संकट का सामना कर रहे हैं और विश्व जल दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि पानी के संरक्षण और दूसरों को इसके बारे में जागरूक करने का संकल्प है। यह उत्सव मनाने का दिन है जो शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता और संबंधित समस्याओं को जानने के बावजूद, देश की एक बड़ी आबादी जल संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं है। लोगों को लोगों की समस्याओं से पानी मिलता है, वहाँ लोग पानी का महत्व नहीं समझते हैं और अनावश्यक पानी बर्बाद करते रहते हैं, लेकिन जो किसी समस्या के लिए पानी ले रहा है वह लापरवाही करता दिखाई देता है।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पानी जीवन है, पानी के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है, पानी है, अगर तभी हमारा भविष्य है। पानी अनावश्यक रूप से बर्बाद हो रहा है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल संकट का समाधान जल संरक्षण है। जब हमारे पास पानी खत्म हो रहा है, तो हमें पानी की बचत भी करनी चाहिए। जीवन है, पानी के बिना, एक सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती। जीवन के सभी कार्यों को करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। जल पृथ्वी पर उपलब्ध एक बहुमूल्य संसाधन है। जल सभी जीवित प्राणियों के लिए जीवन का आधार है। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा पानी से ढका हुआ है, लेकिन इसमें पानी खारा है, जो अवांछनीय है। नहीं, पीने योग्य पानी की मात्रा केवल तीन प्रतिशत है, जिसमें से दो प्रतिशत ग्लेशियर और बर्फ के रूप में है, इस प्रकार केवल एक प्रतिशत पानी वास्तव में मनुष्यों के लिए उपलब्ध है। शहरीकरण के लिए उपयोगी औद्योगीकरण की तीव्र गति, बढ़ते प्रदूषण और लगातार बढ़ती आबादी के साथ, प्रत्येक व्यक्ति के लिए पेयजल तक पहुंच प्रदान करना एक बड़ी चुनौती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या बदतर होती जा रही है। हर साल यह समस्या पहले से भी बदतर होती जा रही है, लेकिन हम हमेशा सोचते हैं कि गर्मी का मौसम वैसा नहीं रहेगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहि है कि महिलाओं को देश के राजनीती से जोड़ना चाहिए
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उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की खाना पकाने और उचित स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम पचास लीटर प्रति व्यक्ति साफ़ पानी की जरुतत होती है
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की हम ऐसे ग्रह पर रहते है जिस पर समुद्र में अपने पानी को साफ करके और उसके कचरे को हटाकर अधिकांश पानी हमें भेजा जाता है
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अगर आप पानी पीना बंद कर देंगे तो आपका जीवन खत्म हो जाएगा। अगर आप पानी भेजना बंद कर देंगे तो आपका जीवन खत्म हो जाएगा। आज भी हम अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि समुद्र के मंथन में केवल एक बार अमृत निकला। हर बार अमृत निकलता था। बारिश के रूप में पूरी पृथ्वी पर बारिश हुई। सूर्य की गर्मी का दोहन करने से समुद्र का पानी भाप बन गया। निराकार आत्मा ऊपर उठ गई। इन परिवर्तनों में बादल बनते हैं, मानसून की हवाएं उन्हें दूर के स्थानों पर ले जाती हैं, जब ऊंचे पहाड़ या घने जंगलों की हवाएं मानसून लाती हैं, तो वहां ठंड हो जाती है और रुक जाती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज हम पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में पानी के बारे में बात करेंगे। पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से भरा हुआ है। पृथ्वी का सारा पानी महासागरों में पाया जाता है।
