उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको "राजीव की डायरी" कार्यक्रम बहुत पसंद आया। महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा एक पुरानी घटना है । महिलाओं को हमेशा कमजोर,असुरक्षित और शोषित माना जाता है। हिंसा को लंबे समय से महिलाओं के साथ होने वाली एक घटना के रूप में स्वीकार किया गया है । संस्कृति,रीति - रिवाज , धार्मिक प्रथाएं , आर्थिक और राजनीतिक स्थितियां घरेलू हिंसा को शुरू करने और बनाए रखने की प्राथमिकता को निर्धारित कर सकती हैं,लेकिन हिंसा एक विकल्प है। जिसे व्यक्ति कई विकारों के कारण चुनता है। घरेलू हिंसा में लैंगिक असंतुलन आर्थिक रूप से शारीरिक शक्ति और आकार में अंतर से संबंधित है। इसके अलावा दुनिया भर के विभिन्न समाजों में महिलाओं को उनकी लिंग भूमिकाओं के अनुसार समाजीकृत किया जाता है । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।