उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से अनिल कुमार तिवारी से बातचीत कर रहे हैं। बातचीत में अनिल कुमार तिवारी का कहना है कि महिलाओं को पिता की सम्पत्ति में अधिकार हो जाए यह कानून लागु हो जाने से बढ़िया है। महिलाओं की शादी नहीं होती है माता पिता नहीं रहते हैं तो उनका अधिकार बनता है। इससे वे पूरी तरह से सहमत हैं। उनका कहना है कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं शिक्षा के क्षेत्र में ,हर काम में चाहे नौकरी पेशे में वे बराबर की भागीदार बन रही हैं और सहयोगी भी हैं कंधे से कन्धा मिलाकर काम कर रही हैं इसलिए वे खुश हैं। सरकार के तरफ से बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही हैं जिनका लाभ शिक्षित महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा है क्योंकि उनपर दबाव पड़ रहा है जब तक वे जागरूक नहीं होंगी घर से बाहर नहीं निकलेंगी शिक्षा प्राप्त नहीं करेंगी। अनिल कुमार का कहना है कि यदि लड़की है और शादी कर ली हैं या बहु आ गयी है तो वो भी उनकी मदद करें और अगर वो पढ़ना चाहती हैं तो पढ़ाएं अगर कोई नौकरी करना चाहती हैं तो नौकरी का मामला है तो उसमे भी सहयोग करें जिससे हमारा देश आगे बढ़ सके
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से राज नारायण शर्मा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि का कहना है महिलाओं को जब तक शादी नहीं होता है तब तक मायके में पूरा अधिकार है शादी हो जाने के बाद में उनका अधिकार ससुराल में होता है और समाज में शिक्षा बहुत जरूरी है पीछे नहीं होगी तब तक योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक विशेश्वरगंज गांव तकिया से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद शरीफ से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरुरी है , नौकरी करने के लिए उनका शिक्षित होना जरुरी है, तभी हम विकास कर पाएंगे। बहुत से पुरुष चाहते है की हमारे घर की महिला बाहर निकल कर शिक्षित हो और बहुत से लोग नहीं चाहते है की उनके घर की महिला घर से बाहर निकले। महिलाओं का भूमि में अधिकार होना चाहिए, चाहे उनकी शादी हुई हो या न हुई हो। महिलायें भी संपत्ति में बराबर की हकदार है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से धन्ना देवी से बातचीत कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे घर का काम करती हैं। उन्होंने पढ़ाई नहीं की है। उनका कहना है कि पिता माता और भाई कोई नहीं हैं तो लड़कियों का अधिकार है और अगर हैं तो लड़कियों का अधिकार जब तक शादी नहीं होती तब तक रहता है,शादी होने के उनका अधिकार नहीं होता है। उनका कहना है उनकी एक लड़की है वे उनको पढ़ा रही हैं ,हमारे समाज में लड़कियां पढ़ेंगी नहीं तो आगे नहीं बढ़ पायेंगी। धन्ना देवी का कहना है वे समूह में जुड़ी हैं लेकिन उससे उन्हें उसका कोई लाभ नहीं मिला है। उन्होंने मोबाइल वाणी से एक बैठक करवाने की मांग की है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौज सिंहपुर गांव सिंहपुर से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से विनीत कुमार सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं का पैतृक संपाति में शादी के पहले पूरा अधिकार है और शादी के बाद कोई अधिकार नहीं है। अगर लड़की का भाई नहीं है , तो अगर पिता चाहे तो अधिकार दे सकता है। शिक्षा के लिए महिलाओं के साथ कोई रोक टोक नहीं होना चाहिए। कुछ परिवारवाले महिलाओं पर दबाव डालते है, और उन्हें बाहर जाने से रोकते है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगापुर की निवासी मनीषा जी से साक्षात्कार लिया। मनीषा जी ने बताया कि महिलाओं को भूमि में अधिकार मिलना चाहिए , महिलाओं के पास अगर भूमि रहेगा तो वो अपना रोजगार भी कर सकती है। मायके के भूमि में भाई का अधिकार होता है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगापुर की निवासी ज्योति से साक्षात्कार लिया। ज्योति ने बताया कि पैतृक संपत्ति में अधिकार जरूर मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को भूमि में अधिकार मिलेगा तो वो कोई भी रोजगार कर सकती है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौज सिंहपुर गांव सिंहपुर से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से अमरावती सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को भूमि में अधिकार नहीं मिलना चाहिए, शादी के के बाद उनका पैतृक संपत्ति में कोई अधिकार नहीं रह जाता है। अगर माता पिता या भाई नहीं है लड़की के, तो उन्हें पैतृक संपत्ति में पूरा अधिकार मिलता है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौज सिंहपुर गांव सिंहपुर से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से आशीष सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षित करना बहुत जरुरी है, पुरुषो का भी फ़र्ज़ बनता है की उन्हें जागरूक करे और बाहर निकलने दे , उन्हें पढ़ाये लिखाये। महिलायें घरो से बाहर निकलेंगी तभी जागरूक हो पाएंगी और आगे बढ़ पाएंगी। शिक्षित लोग अपने बेटियों को पढ़ते है और उन्हें बाहर जाने देते है। आज के समय में महिलायें हर क्षेत्र में काम कर रही है।
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