उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के हजूरपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नखिया प्रसाद से साक्षात्कार लिया। नखिया प्रसाद ने बताया कि बेटियों को पढ़ाना चाहिए। ये अपनी बेटियों को पढ़ा रहे हैं। महंगाई बढ़ती जा रही है,ऐसे में घर चलने के लिए महिला और पुरुष दोनों को काम करने की जरुरत है। महिलाएं नौकरी कर के और चरखा चला कर पैसे कमा रही हैं। महिलाएं घर में रोजगार भी कर रही हैं। अशिक्षित महिलाएं जानकारी के अभाव में कुछ भी नही कर पाती हैं। यदि भाई है तो महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार नही मिलेगा। भाई नही है तभी उनको मायके की सम्पत्ति में अधिकार मिल सकता है। विवाहित महिला का ससुराल की संपत्ति में अधिकार होता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रामविलास से साक्षात्कार लिया। रामविलास ने बताया कि शिक्षा महिलाओं के लिए बहुत जरुरी है। अविवाहित महिलाओं का पैतृक सम्पत्ति में अधिकार है। मगर शादी के बाद मायके की सम्पत्ति में अधिकार नही होगा।विवाहित महिला का ससुराल की सम्पत्ति में अधिकार होता है।महिलाओं को नौकरी के लिए घर से बाहर निकलना जरुरी है। महंगाई को देखते हुए आज के जमाने में महिला और पुरुष दोनों को कमाने की जरुरत है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राकेश सिंह से साक्षात्कार लिया। राकेश सिंह ने बताया कि महिलाओं को ससुराल की संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। यदि उनका भाई नही है तभी उनको मायके में अधिकार मिल सकता है। ससुराल और मायके में दोनों जगह अधिकार नही मिलना चाहिए। शिक्षा महिलाओं के लिए बहुत जरुरी है। ये अपनी बेटियों को पढ़ा रहे हैं

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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरुरी है। उनको घर से बहार निकलना चाहिए और जागरूक होना चाहिए। पुरुष महिलाओं को भूमि में अधिकार देना नही चाहते हैं। उन्हें यह डर है कि ऐसा होने से उनका समाज और परिवार में वर्चस्व समाप्त हो जाएगा।

भूमि सुधार कानूनों में संशोधन करके महिलाओं के भूमि अधिकार को सुनिश्चित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कानूनों में यह प्रावधान किया जा सकता है कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार होगा और विवाह के बाद भूमि का अधिकार हस्तांतरित नहीं होगा। सभी जमीनों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि महिलाएं अपने भूमि अधिकारों का दावा कर सकें। तब तक दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- आपके हिसाब से महिलाओं को भूमि का अधिकार देकर घर परिवार और समाज में किस तरह के बदलाव लाए जा सकते हैं? *----- साथ ही आप इस मुद्दे पर क्या सोचते है ? और आप किस तरह अपने परिवार में इसे लागू करने के बारे में सोच रहे है ?

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रानी से बातचीत की। रानी का कहना है कि यदि महिलाओं को जमीन में हिस्सा आसानी से मिल जाता है तो गेहूं ,धान ऊगा सकती हैं या कोई साग सब्जी ऊगा सकती हैं जिससे वे अपना जीवन यापन कर सकती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अलारा देवी से बातचीत की। अलारा देवी का कहना है कि यदि महिलाओं को जमीन में हिस्सा आसानी से मिल जाता है तो वे घर बनवा सकती हैं ,खेती कर सकती हैं कोई भी व्यवसाय कर सकती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रेखा से बातचीत की। रेखा का कहना है कि यदि महिलाओं को जमीन का अधिकार आसानी से मिल जाता है तो वे दुकान खोल सकती हैं खेती कर सकती हैं यदि खेती करेंगी तो पैसे कमा कर घर चला सकती हैं