नाम उत्कर्ष पिता का नाम मनोज कुमार सिंह ब्लॉक हुजूरपुर थाना हुजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मोबाइल 8858 391 670

भारत जैसे देश में महिलाओं की स्थिति का थोड़ा सा अंदाजा इन आंकड़ों से भी लग सकता है। आजादी के महज चार सालों बाद साल 1951 में भारत की कुल साक्षरता दर केवल 18.3 फीसदी थी, इसमें से महिलाओं की साक्षरता दर 9 फीसदी से भी कम थी। वहीं, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के डाटा के अनुसार साल 2021 में देश की औसत साक्षरता दर 77.70 प्रतिशत थी जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 84.70 प्रतिशत, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 70.30 प्रतिशत थी। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आजादी के बाद से अब तक महिलाओं की साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। दोस्तों, *----- आपको क्या लगता है कि महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव की क्या वजह हैं, "*----- महिलाओं के पास भी भूमि अधिकार हों! इस नज़रिए से हमारे कानूनों और नीतियों में आपको क्या कोई कमियां नज़र आती हैं? *----- महिलाओं को भूमि का अधिकार मिले , इसे हासिल करने के लिए हमारे कानूनों के नीतियों में ऐसे कौन से बदलाव होने चाहिए जिससे महिलाओं के लिए भूमि अधिकार पाना कुछ आसान बन सके?"

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है?

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से नंदाको से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे और एक बेटी है। उनका कहना है कि उनके जमीन में वे अपने बेटों को हिस्सा देंगे बेटियों को नहीं क्योंकि वे उन्हें दहेज देकर शादी कर देंगे साथ ही वे उन्हें कमाकर नहीं देती।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की प्राकृतिक भूजल जलाशयों में से एक के ऊपर एक कुआँ खोदा जाता है ताकि सीधे नीचे के स्रोत से पानी एकत्र किया जा सके, जिससे यह भारत के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति का मुख्य स्रोत बन जाता है। हालाँकि अब पानी की कमी के कारण अधिकांश कुएँ सूख रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज की महिलाएं शादी,मुंडन,इत्यादि समारोह में महंगा कपड़ा पहनना पसंद करती हैं। बहू - बेटियां स्टेज पर मोबाइल तथा कैमरों के द्वारा फोटो खिंचवाना पसंद करती हैं। समारोह के बाद महंगे कपड़े तह लगा कर हमेशा के लिए रख दिया जाता है। धारावाहिक देख कर लोग बिगड़ते जा रहे हैं। समाज में एक - दूसरे को देख कर लोग जरुरत से ज्यादा खर्चा कर रहे हैं, भले ही सामर्थ हो या नही। महिलाएं बहुत लापरवाह हो रही हैं और इसी कारण वो लापता भी हो रही हैं