उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रुकसाना से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे दो बहन दो भाई हैं और उनका मानना है कि उन्हें पिता की सम्पत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए पिता की सम्पत्ति में भाइयों का अधिकार होता है ना कि बहनों का

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रवि से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे तीन भाई चार बहन हैं और उनका मानना है कि बेटियों को पिता की सम्पत्ति में अधिकार नहीं मिलना चाहिए मायके में उनका अधिकार नहीं रहता

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रिचा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे चार बहन और चार भाई हैं। उनका मानना है कि उन्हें पिता की सम्पत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रुकसार से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे दो भाई और तीन बहन हैं उनका मानना है कि महिलाओं को ससुराल में हिस्सा मिलना चाहिए मायके में नहीं।

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे चार भाई और चार बहन हैं और उनका मानना है कि पिता की संपत्ति में भाई का अधिकार होता है और वे उसमे अपना अधिकार नहीं ले सकते हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गुड़िया से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे तीन बहन तीन भाई हैं और उन्हें पिता की सम्पत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सरिता चौहान से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे तीन भाई तीन बहन हैं उनका कहना है कि पिता की सम्पत्ति में लड़कियों को भी अधिकार मिलना चाहिए क्यूंकि लड़के लड़कियों के बराबर नहीं रहते हैं फिर भी सारी जिंदगी काम करते हैं घर पर

बिहार राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से गोपाल सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि शादी से पहले महिलाओं का अधिकार मायके में होता है लेकिन शादी के बाद उनका अधिकार नहीं होता। महिलाओं का शादी विवाह हो गया है तो वे कैसे पढ़ाई जायेंगी उनका शादी विवाह हो गया वे घर गृहस्थी वाली हो गयी।छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं।सरकार ने बहुत सारी योजनायें चलायी हैं लेकिन महिलाओं तक नहीं पहुँच पाती हैं। महिलाएं दस साल से समूह में जुड़ी हुयी हैं लेकिन फिर भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से मंसाराम से बातचीत की। बातचीत में मंसाराम का कहना है कि लड़कियों को पिता की सम्पत्ति में या जमीन में अधिकार होने चाहिए। क्यूंकि वो भी माता से जन्म लेते हैं जो लड़के जूता डण्डा मरते हैं उनसे तो अच्छे ही हैं लड़कियां। लड़कियों को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए ससुराल में भी और मायके में भी। जो कुछ भी पिता के पास है सब में उनका बराबर का अधिकार है। पढ़ाई में भी होना चाहिए। अशिक्षित महिलाएं ब्लॉक से जानकारी ले सकती हैं लाभ तो सरकार दे रही हैं लेकिन घर से जब चलेंगी तब जान पायेंगी घर में बैठ के नहीं ।

यह एपिसोड बताता है कि हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में कैसे छोटे-छोटे बदलाव करके बिजली और पानी बचा सकते हैं। इससे न सिर्फ हमारा खर्च कम होगा, बल्कि हम अपनी धरती की भी रक्षा कर पाएंगे। आसान तरीकों से हम सभी मिलकर पर्यावरण को बचाने में मदद कर सकते हैं।क्या आपने भी अपनी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं? अगर हाँ, तो हमें बताइए।