उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के हजूरपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राधेश्याम से साक्षात्कार लिया।राधेश्याम ने बताया कि शिक्षा महिलाओं के लिए बहुत जरुरी है,नगर गरीबी के कारण महिलाएं पढ़ नही पाती हैं। महिलाओं को मायके में पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही मिलना चाहिए। ससुराल में भूमि का अधिकार मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पैतृक सम्पत्ति में महिलाओं को बराबर का हिस्सा होना चाहिए। बेटी और बेटा दोनों एक माँ के कोख से जन्म लेते हैं,इसलिए उनके बीच बराबरी होना चाहिए। बिजनेस या कारोबार करने के लिए महिलाओं को शिक्षित और जागरूक होना जरुरी है
दोस्तों 5 सितंबर भारतीय कैलेंडर में एक स्मारक दिवस है, जो एक महान दूरदर्शी शिक्षाविद् और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर मनाया जाता है । इस दिन शिक्षकों द्वारा की गई उन सभी अथक सेवाओं को याद किया जाता है जो युवा भावी पीढ़ियों के दिमाग को आकार देती हैं। तो आइये साथियों आज के दिन हम और आप सभी मिलकर शिक्षकों को उनके योगदान के लिए कोटि कोटि धन्यवाद कहें। और साथ ही समस्त मोबाइल वाणी परिवार की ओर से आप सभी श्रोताओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनील कुमार सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को पिता की सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए क्यूंकि वे बराबर की हक़दार होती हैं।और चीजों में बराबर मिलता है तो जमीन में भी मिलना चाहिए। उनका कहना है महिलाओं को शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए तभी हमारे देश की उन्नति होगी।भारत सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाए निकाली गयी हैं लेकिन जागरूक न हो पाने के कारण वह सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं.
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जुगल किशोर सिंह से साक्षात्कार लिया ।जुगल किशोर सिंहने बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। मिलना जरुरी इसलिए है, क्युकी इससे उनके शिक्षा और सुविधा में कटौती हो जाएगी। महिलाओं को जागरूक होने के लिए संपत्ति में अधिकार मिलना जरुरी है। शिक्षा बहुत जरुरी विषय है , अनपढ़ महिलाओं को ग्राम पंचायत द्वारा संस्था चलाकर उन्हें शिक्षित करना चाहिए। सरकारी योजनाओ के बारे में उन्हें जानकारी मिलनी चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से अशोक से बातचीत कर रहे। बातचीत में अशोक का कहना है कि लड़कियों को पिता की सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए पहले उन्हें जागरूक किया जाए उन्हें शिक्षा दिया जाए। अगर अशिक्षित हैं तो उनको घर का बिजनेस है सिलाई मशीन है ,पशु पालन है कोई चीज हैघर पर उनको सुविधा दिया जाए। जब तक जागरूक नहीं हैं महिला अगर वे अविवाहित हैं तो उनको जमीन में अधिकार मिलेगा जब शादी हो जाएगी ससुराल में अधिकार दिया जाएगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश शारदा से बातचीत की। बातचीत में दिनेश शारदा का कहना है कि महिलाओं तथा बेटियों को मायके या ससुराल में बराबर का हिस्सा होना चाहिए उन्हें बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना है सबकी अलग अलग सोच है किसी के सोच को बदल नहीं सकते लेकिन जो क़ानूनी अधिकार हैं जैसे जो लड़की को पैदा किये है जो अधिकार लड़का का है लड़की को भी मिलना चाहिए माने या ना माने ये अलग बात है। लड़का और लड़की का बराबर का हिस्सा होना चाहिए।शादी के पहले और बाद में भी लड़कियों का अधिकार रहता है। उनका कहना है लड़कों की तुलना में लड़कियों को शिक्षा में अधिक बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि लड़के और लड़की में अंतर नहीं किया जाना चाहिए, दोनों को पढ़ाना चाहिए। भारत सरकार द्वारा ऐसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जो अनपढ़ या शिक्षित महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा रही हैं इसमें जो क्षेत्र का बात हैं, कोई क्षेत्र आगे हैं, कहीं पिछड़े हुए हैं, जहां आगे क्षेत्र है, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा और जहां पिछड़ेपन है वहां धीरे-धीरे बाद में लाभ होगा, लेकिन धीरे-धीरे हर कोई साक्षर हो रहा है। ऐसा कहीं नहीं है कि कोई भी साक्षर नहीं हो रहा है। हर जिले का लगभग हर गाँव शिक्षित हो रहा है। महिलाएं अब खुद की रक्षा करने और अपने अधिकार लेने के लिए आगे आ रही हैं। महिलाओं को पहले ही आरक्षण दिया जा चुका था। लेकिन अब आरक्षण के साथ-साथ उन्हें अधिकार भी मिलने लगे हैं। पहले लोग अज्ञानी थे, अब वे अज्ञानी नहीं हैं, हर कोई जानकार हो गया है, वे समाज की देखभाल करते हैं, वे अपनी शिक्षा का ध्यान रखते हैं और कुछ जो बचे हुए हैं उनमें से कुछ भी धीरे-धीरे आएंगे और उन्हें भी काम मिलेगा वे एक-दूसरे को देखकर भी जागरूक होंगे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से दीपक कुमार से बातचीत की। बातचीत में दीपक कुमार का कहना है कि लड़कियों का शादी से पहले मायके में अधिकार होता है शादी हो जाने के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है हाँ यदि मायके में माता पिता नहीं हैं भाई नहीं हैं तो लड़की का अधिकार होता है। अगर उनके भाई हैं तो अधिकार मांगने पर उनका विवाद हो सकता है। भारत सरकार ने कानून को बहुत तेजी से लागू किया है उसके बाद अगर मायके में माता पिता नहीं हैं कोई नहीं हैं तो महिलाओं का अधिकार मायके में होता है।अगर भाई भौजाई हैं तो उनका अधिकार मायके में नहीं होना चाहिए। उनका कहना है शिक्षा अनमोल रत्न है महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है भारत सरकार के द्वारा बहुत सारे योजनाएं निकाली गयी हैं लेकिन अशिक्षित महिलाएं जानकारी के अभाव में उसका लाभ नहीं ले पाती हैं।शिक्षित महिलाएं आज हर जगह काम कर रही हैं सामूहिक कार्य है, सिलाई मशीन का काम है, अस्पतालों में काम है, जहां भी जाते हैं, महिलाएं काम कर रही हैं, अशिक्षित महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रही हैं। अगर वे शिक्षित हैं, तो उन्हें मोबाइल के माध्यम से और सरकार के माध्यम से, जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से, ग्राम उद्योगों के माध्यम से जानकारी मिलती है,
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से राहुल शुक्ला से बातचीत की। बातचीत में राहुल शुक्ला का कहना है कि महिलाओं को शादी से पहले मायके में अधिकार होता है शादी के बाद ससुराल में अधिकार होता है। यदि उनके माता पिता भाई ना हो तो मायके में शादी के बाद उनका अधिकार हो सकता है। उनका कहना है कि महिलाओं को शिक्षित हो और आगे हो
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से महेंद्र प्रताप सिंह से बातचीत की। बातचीत में महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि महिलाओं को पिता की सम्पत्ति में हक़ मिलना चाहिए। अगर लड़की चाहती है मायके में तो उनका पूरा अधिकार है शादी होने के बाद उनका ससुराल में उनका पूरा अधिकार होता है। लेकिन यदि उनका भाई होगा तो अधिकार मांगने पर विवाद भी हो सकता है। लेकिन यदि वे मायके में चाहती हैं ससुराल में किसी तरह की समस्या आती है तो और वो चाहती है अधिकार पाना तो पिता की मर्जी से अधिकार ले सकती हैं। कानून बन गया है लड़का लड़की को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए लेकिन शिक्षा जरूरी है। उनका कहना है महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है तभी कोई कार्य कर सकती हैं अगर वे शिक्षित नहीं होंगे तो आने वाली पीढ़ी भी शिक्षित नहीं होगी। अगर वे शिक्षित हैं तो वे अपने बच्चों को भी शिक्षित कर सकते हैं। शिक्षा का महत्व उद्योग से भी ज्यादा है अगर महिलाएं शिक्षित हो, तो घर का कोई भी उद्योग, अचार बनाना, पापड़ बनाना, सभी काम कर सकते हैं। सिलाई कढ़ाई का काम करने के लिए भी महिलाओं को नाप वग़ीरह लेने के लिए शिक्षित होना जरूरी है।
