दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनूप कुमार से हुई। अनूप कुमार यह बताना चाहते हैं कि ग्राम प्रधान के द्वारा कोई भी सुविधा नहीं दिया जा रहा है। आवास का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेस्वरगंज से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राम कुमार से हुई ।राम कुमार यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए ।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज ब्लॉक से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से इरफ़ान से हुई। इरफ़ान यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को कोई किसान नहीं मानता है। महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए तभी उनको सभी तरह की सुविधा मिलेंगी
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मीना निषाद से साक्षात्कार लिया। मीना निषाद ने बताया कि पहले महिलाएं घूँघट में रहती थी और उन्हें कोई सुविधा नही था। वर्तमान में महिलाओं को सरकार ने कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई है।जैसे - स्वास्थ्य,कृषि क्षेत्र में मशीनों की सुविधाएं, इत्यादि। अब महिलाएं जागरूक हो गई हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मीना निषाद से साक्षात्कार लिया। मीना निषाद ने बताया कि महिलाओं को ससुराल और मायके में बराबर अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। ताकि महिला सिर उठा कर चल सके।पहले महिलाएं घर के काम तक सिमिति रहती थी। साथ ही घर में अनाज पीसना,कुटी - सानी करती थी
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज ब्लॉक से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राजीव से हुई। राजीव यह बताना चाहते हैं कि उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आवास योजना और शौचालय का लाभ मिला है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राजीव से हुई। राजीव यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। सुबह से शाम तक महिला काम करती हैं लेकिन उनको कोई मजदूरी नहीं मिलता है। जमीन पर जितना अधिकार पुरुष को मिलता है उतना ही अधिकार महिलाओं को भी मिलता है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से वंदना से हुई। वंदना यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए
