उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से विजय सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे किसान है भैंस पालने से दूध मिलता है उसका गोबर खेत में डालने से खाद बन जाता है। उनका कहना है कि जमीन पर अधिकार पति के ना रहने पर देना चाहिए पहले देने से वे गलत उपयोग कर सकती हैं
नाम रशीद पिता का नाम असलम खान ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर मौज सिंहपुर ठकुराइन पूर्व शौचालय शौचालय की सुविधा नहीं हो पा रहा है और जो नौकरी करते हैं वह ड्यूटी पर नहीं रहते हैं और टंकी में पानी की भी सुविधा नहीं हो पा रहा है कुछ लोग पानी भरकर शौचालय में ले जा रहे हैं महिला पुरुष दोनों
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नाम भोसा पति का नाम शहाबुद्दीन ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मौज सिंहपुर रमजान पूर्व
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम बरवलिया के निवासी राम दुलारे से साक्षात्कार लिया।राम दुलारे ने बताया कि पिता की संपत्ति में बेटियों को भी हिस्सा मिलना चाहिए, क्युकी बेटा और बेटी एक ही माता पिता के संतान है। बेटियों को पूरा हक़ है अपने पिता के सम्पति में और उनको पूरा अधिकार भी है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर ब्लॉक से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्तानीय निवासी से साक्षात्कार लिया। उन्होंने बताया कि पानी की कमी से फसलों में कई तरह के घास और कई तरह के रोग लग गए हैं जिससे किसान और फसल दोनों काफी प्रभाव पड सकता है। कम बारिश होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है और बहुत सी चीज़े भी महंगी हो गई है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुषमा तिवारी से साक्षात्कार लिया।सुषमा तिवारी ने बताया कि महिलाओं को भूमि अधिकार के लिए शिक्षित और जागरूक होना चाहिए ।सरकार की जिम्मेवारी है कि वो इस कानून के प्रति महिलाओं को जागरूक करें।
उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से उषा सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिला चाहें तो बहुत ऊंचे पदों पर जा सकती हैं और हमने इसके कई उदाहरण देखे हैं, लेकिन उनके साथ समस्या यह है कि जो माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहते हैं, यानी जो अपनी लड़कियों को शिक्षित करना चाहते हैं, वे बहुत गरीब हैं। इस वजह से महिलाओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास इतना पैसा है कि वे महिलाओं को शिक्षित कर सकते हैं लेकिन वे पढ़ाते नहीं हैं। क्योंकि उनके अनुसार, वे एक बहुत पुरानी सोच में डूबे हुए हैं, उनके अनुसार, महिलाओं को महिलाओं को पढ़ाना -लिखाना नहीं चाहिए और उन्हें केवल घर के काम में लगे रहना चाहिए इसलिए वे उनकी शादी करा देती हैं। एक बड़ा कारण समाज है अभी जो लड़कियों के साथ बलात्कार का मामला सामने आ रहा है उसके कारण माता पिता अपनी बेटियों को बाहर नहीं जाने देते हैं। महिलाये घर से निकलेंगी नहीं तो जागरूक कैसे होंगी अगर जागरूक नहीं होंगी तो अपने अधिकारों को कैसे लेंगी। इस पर समाज को अपनी सोच सुधारने की जरूरत है। लेकिन समाज की सोच कभी नहीं बदलेगी उनका सोचना है कि जो लड़कियां घर पर है वे सुरक्षित हैं. इसमें महिलाओं की गलती नहीं जिन पुरुषों को अच्छे संस्कार नहीं मिलते पढ़े लिखे नहीं रहते वही महिलाओं के साथ अत्याचार करते हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि जैसे बेटे का पिता की संपत्ति पर अधिकार रहता है उसी तरह से बेटियों का भी पिता की संपत्ति पर अधिकार रहता है। इसलिए महिलाओं को भी जमीन में अधिकार मिलना चाहिए।
