उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से चाचा जी से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके यहां कभी बाढ़ नहीं आयी है लेकिन रिश्तेदारों के यहां बाढ़ की स्थिति बन जाती है वहां पर बाढ़ के कारण जलभराव होता है। जो लोग अनाज का भंडारण करते हैं, भोजन भी नष्ट हो जाता है। फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं। एक लागत है लागत उन पर जाती है। कई बीमारियाँ आती हैं, जानवरों को लेकर मनुष्यों पर एक बड़ी समस्या है. स्कूलों में भी जलभराव होता है, स्कूल बंद रहते हैं, शिक्षा ठप रहती है,ऐसे में जब बाढ़ खत्म होती है स्थिति सामान्य हो जाती है। उन्हें सरकार द्वारा कुछ सुविधा दी जाती है उनके द्वारा एक बांध बनाया जाता है जब जलभराव होता है, तो खाद्यान्न का प्रावधान होता है, जब तक जलभराव है, खाना-पीना बनाने में समस्या होती है, लकड़ी सब भीग जाती है और नीचे की जमीन सब जलमग्न होते है, तब तक प्रशासन और सरकार मदद करती है, वहाँ का प्रशासन, डी. एम. एस. डी. एम. और लेखपाल दोपहर के भोजन के पैकेट भेजते हैं, लोग तब तक खाते-पीते हैं जब तक जलभराव होता है, उसके बाद जब पानी कम हो जाता है, तो स्थिति सामान्य हो जाती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि हमारे समाज में महिलाओं के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है।हमारी भारत सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं जैसे कि समूह का काम है सिलाई मशीन हैं बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों में वे काम कर रही हैं। थाना में महिलाएं अपना कर्तव्य निभा रही हैं,महिलाएं भारत में हमारी सरकार आने के बाद से आगे बढ़ी हैं। महिलाओं को सम्मान मिल रहा है और वे अच्छी तरह से शिक्षित भी हैं, उन्हें देख कर अशिक्षित महिलाएं भी जागरूक हो रही हैं। महिलाओं के लिए कई योजनाएं निकाली जा रही हैं जिससे वे अपना रोजगार शुरू कर सके। जैसे कोई व्यवसाय है जैसे बकरी पालन, मुर्गी पालन या अन्य परियोजनाएं सामने आई हैं। ऐसे कई लोग हैं जो अपनी बुद्धि के कारण अपना व्यवसाय कर सकते हैं और अपने घरेलू खर्च चला सकते हैं, महिलाओं को भी भूमि पर अधिकार होना चाहिए।महिलाएं सुबह साम काम करती हैं लेकिन फिर भी भूखी रहती हैं हमारे समाज में कुछ महिलाएं ऐसी हैं कि वे दूसरों के सामने अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कुछ भी नहीं कह सकती हैं। उनकी कुछ मजबूरियां हैं जो दूसरों के सामने नहीं कही जा सकती हैं और इसलिए अगर व्यापार और रोजगार करने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है, लेकिन उन लोगों के पास पूंजी नहीं है, तो वे घर के अंदर बैठे हैं। उन्हें मजबूर किया जाता है अगर वे पैसे के लिए कहीं भी जाना चाहते हैं, तो उन्हें पांच प्रतिशत ब्याज के जगह दस प्रतिशत मिलता है, वे भी लाते हैं, लेकिन हर महीने उन्हें उन लोगों को भुगतान करना पड़ता है, इसलिए गरीबी बढ़ रही है। हमारे समाज में महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं जो वे कर सकती हैं और करेंगी और जागरूक हो रही हैं क्योंकि एक-दूसरे को देखकर वे शिक्षित भी हो रही हैं और कदम-दर-कदम आगे बढ़ रही हैं। महिलाएँ भी पढ़ा रही हैं, कोचिंग दे रही हैं, आप जहाँ भी देखें, महिलाएँ जागरूक हो गई हैं,

उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि हमारे समाज में महिलाओं की मदद के लिए भारत सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। महिलाएं अपना खुद का व्यवसाय कर सकती हैं, वे अस्पतालों में काम कर सकते हैं जो अशिक्षित महिलाएं शिक्षित महिलाओं को देखती हैं, वे भी आगे बढ़ रही हैं। हमारे समाज में कई योजनाएं चलायी जा रही हैं सिलाई का काम है कई तरह के काम है। हमारे समाज में कुछ महिलाएं व्यवसाय करना चाहती हैं लेकिन उनके पास पूंजी नहीं है जिसके वजह से वे अपना व्यवसाय नहीं कर पा रही हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक भिनगा के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से विद्याराम पिताश्री जगदीश कुमार से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए

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उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से अवधेश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शनी कुमार त्रिपाठी से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि लगातार बारिश होने से बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है लगभग पांच छ घंटे से बारिश लगातार हो रही हैं

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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सोम पांडेय से साक्षात्कार लिया।सोम पांडेय ने बताया कि वर्तमान महिला भूमि अधिकार में कोई कमी नही है ,इसमें सब ठीक है। लेकिन समाज के लोगों को महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए। महिलाओं को भी जमीन और प्रॉपर्टी में अधिकार मिलना चाहिए। महिला और पुरुष को बराबर हक़ मिलना चाहिए।