नमस्कार आदाब श्रोताओं, मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम के द्वारा निकाली गई कुल 34 ट्रेनी पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने 10वीं और संबंधित ट्रेड में आईटीआई पास किया हो। इसके साथ ही उम्मीदवार की आयु अधिकतम 37 वर्ष तक होनी चाहिए। आवेदन शुल्क निशुल्क रखा गया है। आर्टिसन ट्रेनी और असिस्टेंट ट्रेनी के पदों पर वेतनमान 21,500 रुपए दिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://careers.ntpc.co.in/recruitment/login.php योग्य उम्मीदवारों को दो घंटे की वस्तुनिष्ठ प्रकार की बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा से गुजरना होगा जिसमें विषय ज्ञान और एक योग्यता परीक्षा शामिल होगी। लिखित परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर, उम्मीदवारों को स्किल टेस्ट में भाग लेने के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा । याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 10-09-2023 है। तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं और इनका महत्व तभी है, जब वे निष्पक्ष तरीके से हों और इसमें शामिल होने वाले हर दल, हर व्यक्ति को समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे किसी को यह न लगे की उसके साथ भेदभाव किया गया है। चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत में अलग से एक संस्था बनाई गई है, जिसे चुनाव आयोग के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद से अब तक इसे एक निष्पक्ष इकाई के तौर पर ही माना जाता रहा है। एक समय था जब, पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन आयोग की ईमानदारी का दूसरा नाम बन गये थे। लेकिन अब उसकी निष्पक्षता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया में बदलाव के लिए पेश किया गया विधेयक कानून बनता है तो सोचिए कि देश में न्यायपूर्ण और स्वतंत्र चुनाव करवाना संभव हो पाएगा? चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया को बदलकर सत्तारूढ़ दल चुनाव को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं? इसके अलावा ऐसा करने के अलावा और क्या मंशा हो सकती है? इस बारे में ताज़ा जानकारी के लिए सुनें हमारा कार्यक्रम, 'पक्ष और विपक्ष'। और हाँ, कार्यक्रम के अंत में अपनी राय रिकॉर्ड करना ना भूलें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3 जरूर दबाएं.
भारतीय संविधान में भारत को राज्यो के संघ के रूप में संबोधित किया गया है। इसके विपरीत संविधान में कही भी महासंघ शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। संघवाद सत्ता का वह स्वरूप है।जहां सत्ता एक से ज्यादा स्तरो पर बनी होती हैं। आज हमारे साथ लखनऊ हाईकोर्ट परामर्श केन्द्र के माध्यथ एवं उत्तरप्रदेश कांग्रेस पार्टी के विधिविभाग के कोर कमेटी के सदस्य एडॅ. इद्रप्रताप सिंह सर के साथ विशेष बातचीत कर मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।
जलवायु की पुकार कार्यक्रम के अंतर्गत इस अंतिम प्रोमों में हम जानेंगे कि हमने जलवायु से सम्बंधित अनेक बातें की हैं और जानकारियों पर विचार भी किया है
कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी, प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी। भाई की लंबी उम्र की दुआ है राखी, बहन के स्नेह का पवित्र प्रतीक है राखी। कलाई पर रेशम का धागा है, बहन ने बड़े प्यार से बांधा है, बहन को भाई से रक्षा का वादा है। दोस्तों ,सावन पूर्णिमा के दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है,रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के लिए बेहद ही खास दिन होता है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भारतीय संस्कृति की पहचान कायम करती है, तो भाई बहन को रक्षा करने का वचन देता है। श्रोताओ मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी को राखी के त्यौहार ढेर सारी शुभकामनाएं !
घरेलू गैस सिलेंडर कल रक्षाबंधन त्यौहार से 200रु सस्ता
गैस सिलेंडर घरों में होना ही उपयोगी मात्रा है क्या
UP के सीएम योगी आदित्यनाथ दतिया पाहुंचे
भारतीय संविधान में भारत को ‘राज्यों के संघ’ के रूप में संबोधित किया गया है। इसके विपरीत संविधान में कहीं भी महासंघ या फेडरेशन (फेडरेशन ) शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। संघवाद सत्ता का वह स्वरूप है जहां सत्ता एक से ज्यादा स्तरों पर बटी होती है। भारत में यही व्यवस्था है, और इसी के चलते यहां सत्ता का बंटवारा केंद्र और राज्य के स्तर पर किया गया है। सहकारी संघवाद में केंद्र व राज्य एक-दूसरे के संबंधों में एक-दूसरे के सहयोग से अपनी समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं। सहकारी संघवाद की इस अवधारणा में यह स्पष्ट किया जाता है कि केंद्र और राज्य में से कोई भी किसी से श्रेष्ठ नहीं है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री अशोक झा जीवामृत और घनामृत खाद बनाने के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
