जिले में विकसित भारत संकल्प यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो रहा है । 20 फरवरी को नगर पालिका क्षेत्र के तहत दो स्थानों पर और 21 फरवरी को नगर पालिका के प्रांगण में कैंप लगेंगे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मुंगवानी से जुड़े ग्राम कटकुही में ग्राम चौपाल 21 फरवरी को आयोजित है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मंगलवार 21 फरवरी को कलेक्ट्रेट कार्यालय नरसिंहपुर जनसुनवाई हाल में यह कैंप आयोजित किया जा रहा है । जहां पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेंगे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

भारतीय किसान संघ के पिपरिया तहसील अध्यक्ष ओम रघुवंशी मानते हैं कि किसानों को उनकी अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य हर हाल में मिलना चाहिए। इंडस्ट्री और व्यापारियों को जब मिल सकती है सब्सिडी तो किसानों के लिए क्यों नहीं

भारतीय किसान संघ ,सिवनी मालवा तहसील के अध्यक्ष शंकर सिंह पटेल कहते हैं कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देना जरूरी है । जब 1 लीटर पानी की बोतल के दाम तय हो सकते हैं तो किसान को भी लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। जब पानी की बोतल के दाम हो जाते हैं तय तो किसान की फसल का दाम तय भी होना लाजमी

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नमस्ते महामना नरसिंहपुर नरसिंहपुर शहर के बारे में मुझे यही कहना है कि हमारे शहर में कई योजनाएं हैं । बहुत कुछ है और जहाँ तक मुझे पता है , ऐसी कई योजनाएं हैं जो गाँवों तक नहीं पहुँच रही हैं और पहुँच रही हैं इसलिए बहुत कम वस्तुएँ कई लोगों तक पहुँच रही हैं । यह अभी तक ज्ञात नहीं है कि हमारे देश में या हमारे शहर में या हमारे राज्य में कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं , उनके क्या लाभ हैं और हम उनका लाभ कैसे उठा सकते हैं । इसके लिए मुझे लगता है कि हमारी सरकार को एक अभियान चलाना चाहिए जिसमें इन योजनाओं की जानकारी गांव के छोटे घरों तक पहुंचाई जाए । संपर्क करें और लोगों को इसका लाभ उठाने दें जैसे कि हर कोई अब लल्ली लक्ष्मी योजना के बारे में जानता है , लेकिन अभी भी कुछ महिलाएं हैं जो इसका लाभ नहीं उठा पा रही हैं जैसे ऐसी कई महिलाएं हैं जो अविवाहित हैं लेकिन अभी तक इस योजना का लाभ नहीं उठा पाई हैं । उन्हें अभी तक सूची में नामित नहीं किया गया है और भत्ता अभी हुआ है । यह योजना अविवाहित महिलाओं के लिए भी काम करेगी , लेकिन इसका फॉर्म कब भरना है , इसके लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है , इसलिए इसके लिए कुछ होना चाहिए ताकि उनके पास भी यह योजना हो ।

देश के किसान एक बार फिर नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले साल नवंबर 2020 में किसानों ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के रद्द करने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन किया था और इसके बाद अगले साल 19 नवंबर 2021 को केंद्र सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए थे, हालांकि इस दौरान करीब सात सौ किसानों की मौत हो चुकी थी। उस समय सरकार ने किसानों की कुछ मांगों पर विचार करने और उन्हें जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा अब तक नहीं हआ है। और यही वजह है कि किसान एक बार फिर नाराज़ हैं।

बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालु