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मध्यप्रदेश ,नरसिंहपुर ,नमस्कार , हम आज मोबाइल बारी नरसिंहपुर से सिम्पुगाड़ा जा रहे थे और हम कुछ बहनों से मिले और आवास योजना के बारे में पता चला । तेरा नाम क्या है मेरा नाम रमाटी माला जी मैं गाँव सिंहपुर से हूँ बड़ा जिला ना सिंहपुर जी हाँ मेरा मैंने खेत तो आवाज़ हाँ बहुत पाँच भाग चुका है महोदय , अभी तक मेरा नाम नहीं आया है और हम यह पता लगाने के लिए ग्राम पंचायत भी गए थे , इसलिए वहां उन्होंने कहा कि हम जो भी काम कर रहे हैं । अगर हम इसे भेजते हैं , तो यह ऊपर से है , हम जो कुछ भी करते हैं , अगर हम कुछ नहीं करते हैं , तो हम करेंगे , इसलिए जब हमें आना होगा , हम आएंगे । और आप पांच साल के हो गए हैं , चुनाव खत्म हो गए हैं , अभी तक कुछ नहीं हुआ है , और आप नहीं जानते कि आपकी योजनाओं को रोका जाएगा या नहीं । जब आपने फॉर्म भरा था , तो उन्होंने कहा कि आपने पूरा भुगतान आदि जमा कर दिया है । आप इसे पहले ही दो या तीन बार भर चुके हैं , हां , आखिरी की घोषणा गांव में चुनाव से पांच साल पहले की गई थी । जिन्ना के कामने नाम नहीं आया है जी तो दो बार काम भर जी तो हमने एक बार दो बार आखिरी में फिर हमने काम भर जी , क्योंकि हमारे माननीय मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर किसी का घर पक्का होना चाहिए । आवास और सभी को लाभ मिलेगा , तो आपने उन्हें यह जानकारी अपने अधिकारियों को नहीं बताई है जिन्होंने आपको वह खेत दिया है जहां आपकी मृत्यु हुई है या हमारे घर की स्थिति गांव में नहीं लाई गई है । खरब है जी बदू में मेरे मकान नया मकान बना है जी तो पक्का मकान है और वो तेरी औररे करते जी तो मेरा कच्चा मकान है जी तो पानी से चेरा बुरा हो गया है जी दीवार कभी बनाय है । मैंने आपको बताया होगा कि बारिश में मेरी दीवार कभी भी गिर सकती है । मैं वही रोम हूँ । मैं वही रोम था । कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है । आपके परिवार में कौन है ? मैं एक दुकानदार हूँ , मेरे दो बच्चे हैं , मेरे पति 2000 - 5 में एक पटरी दुर्घटना से उबर रहे हैं , इसलिए बच्चे आते हैं और कुछ करते हैं । बच्चे बहुत ठीक है , आप रोए नहीं , आप मुझे बताएं कि आपके बच्चे इस समय कितने बड़े हैं , इतने छोटे , आप रुकें नहीं , आपको अपना काम करना होगा , बस मुझे बताएं कि क्या आप अभी पढ़ रहे हैं । यदि हां , तो इसका मतलब है कि आपके अधिकार आपकी बात नहीं सुन रहे हैं और आप एकमात्र ऐसी महिला हैं जो घर में आत्मनिर्भर हैं और खुद कमा कर परिवार चला रही हैं । डायल चुनें हुआ था जी तो वह पानी के निकला जी हाँ वह से फिर दो बार चुना हुआ हुआ तो मुंबई से था जी मुंबई कुछ वर्षों के लिए मेरे घर में गिरा दिया गया था । मैं था काहलेन के बारे में पढ़ रहा हूं और फिर उसमें अपनी कुछ फाइलें खोलता हूं । मैंने अभी इसका स्वाद चखा है । मान लीजिए कि हमें कोई बीमारी नहीं है , हम समझ सकते हैं कि एक माँ ने घर नहीं बनाया है , तो आइए अपनी बात हमें बताने की कोशिश करें । वे कोशिश करेंगे कि आप घर से पढ़ाई न करें , समय के साथ उम्र बढ़ेगी , लेकिन अन्यथा वे ऐसा कभी नहीं करेंगे ।
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नरसिंहपुर में कलेक्टर ऑफिस के परिसर में स्व-सहायता समूह की बहनों के द्वारा दीदी कैफ के नाम से जो कैंटीन खोली गई है उसमें आज हमने उनसे मुलाकात की और जाना कि वह खुद तो आत्मनिर्भर है और वह संदेश क्या देती है लोगों को
नमस्कार दोस्तों यहां पर मैंने क्लार्क नाम के किसान के जरिए टाइटैनिक का उदाहरण देकर यह बताने की कोशिश किया कि भगवान हमारे लिए हमें बचाने के लिए क्या नहीं करते हैं अनगिनत मायाजाल बुंते हैं जो हम सोच भी नहीं सकते।और इस तरह क्लार्क व उसके पूरे परिवार की जान उसके पालतू कुत्ते ने बचा ली आप सभी को मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा धन्यवाद
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दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। CTA: अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार चुटकुला, तो रिकॉर्ड करें मोबाइल वाणी पर, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर और जीतें आकर्षक इनाम।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।
नमस्कार दोस्तों आए दिन अक्सर ऐसा होता है कि कहीं रेस्टोरेंट में बैठे होते हैं या घर पर ही होते हैं तो समय की कमी को देखते हुए हम जल्दी-जल्दी खाना खाने लगते चाहे वह घर का खाना हो चाहे वह फास्ट फूड हो दोस्तों कई बार हम खाना को बिना च्वाये ही निगल लेते हैं जिस वजह से वह खाना अपच रह जाता है दोस्तों इसका एक और नुकसान यह है कि हम जब खाना खाते हैं तो वह खाना एक नली के जरिए पेट तक जाता है और एक नली और होती है जिसे श्वास नली कहते हैं जब हम खाना खाते हैं तो यह नाली दब जाती है किस वजह से खाना सीधा फूड पाइप से हमारे पेट तक आराम से पहुंच जाता है लेकिन जल्दी-जल्दी खाने के कारण श्वास पाइप नहीं दब पता और खाना सीधा हमारे स्वास्थ्य पाइप में चला जाता है जिस वजह से हमें तेज खांसी या टच की लग जाती है जो की ज्यादा आने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है इसलिए दोस्तों हमेशा खाना आराम से चबाकर खाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हमारे स्वास्थ्य के लिए और हमारी जान के लिए फायदेमंद होता है धन्यवाद।
