बिहार राज्य के नवादा जिला से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि कई महिलाओं को उनके पैतृक संपत्ति के बारे में पता ही नहीं रहता है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने से सम्बंधित हिन्दू उत्तराधिकारी अधिनियम 1956 लाया गया था। इस अधिनियम के तहत बेटी को जन्म से पुत्र के समान अधिकार होता है। पति के मृत्यु के बाद उनके संपत्ति में पत्नी का अधिकार हो जाता है
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दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से मुन्नी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि विद्यालय में बच्चों को बचपन से अधिकार प्राप्त हैं।जिन बच्चों को छह वर्ष से अधिक उम्र होने पर स्कूल में दर्ज किया जाए और वे चौदह वर्ष की उम्र तक अपनी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा आठवी पूरी ना कर पाए तो चौदह साल से ज्यादा उम्र होने पर भी निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मिलेगा।
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बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से अनीता कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के लिए भूमि का अधिकार ,आर्थिक सुरक्षा ,आश्रय ,बेहतर स्वास्थ ,शिक्षा और घर व समाज के अधिक शक्ति के लिए जरूरी है क्योंकि यह उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता सम्मान और निर्णय लेने की क्षमता देता है। जो महिला सशक्तिकरण और समग्र सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हर महिला को जमीन में अधिकार लेना चाहिए
बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि कानूनी तौर पर हर महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता पाने का हक़ हैं। जमीन स्तर पर पहुंच और जागरूकता में कमी के कारण यह सेवा हर महिला तक नहीं पहुँच पा रही है।
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बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि भारत में विभिन्न सहायता को तत्पर ऐसे व्यक्तियों को निशुल्क कानूनी सेवाए प्रदान करते हैं जो कानूनी प्रतिनिधित्व या अन्य प्रणाली तक पहुंच कर खर्च वाहन करने में असमर्थ हैं।
बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिला सशक्तिकरण का समर्थन कर सकती हैं ।संयुक्त राष्ट्र को महिला के किसी अभियान में भाग लेना चाहिए या सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाना चाहिए या महिलाओं के मिशन को पूरा करने में मदद करने के लिए दान करना चाहिए ।
