नमस्कार , मैं नवादा जिले की नीला कुमारी हूँ ।

सभी को नमस्कार , मैं नाथजीर नवादा से तारा हूँ और हमारे साथ एक छोटी सी लड़की जुड़ी हुई है जो प्रिया भारती गाँव काजीवी रा पॉश परम मछली जल की रानी जीवन इस्का पानी नामक कविता पढ़ना चाहती है ।

प्रस्तुत किया गया कविता

सभी को नमस्कार , मेरा नाम प्रकाया कुमारी है । महाता मालवाने सियोल वाल्मीकि ने दिशा दिखाई । वाल्मीकि ने सुरवंश में रामायण के सार को जन्म दिया जब श्री राम को विलास्नु का अवतार दिया गया । उसी समय , चारों भाइयों ने निर्देशन किया , मुन्नी वृष्ठा ने गुरु कुलमेश को पढ़ाया , नारायण विश्वामित्र के साथ चले , और बनेवृष्टि ने तारे को मारा और श्रीराम को मार डाला । विश्व - मित्र जनकपुरी को चलने का आदेश देता है ; भागखोले मिथिला के अजब नारायण में प्रवेश करता है ; श्रीराम धनुष पकड़ता है ।

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