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मैं कुलसुम डालीगंज समुदाय से लखनऊ उत्तर प्रदेश मेरा जॉन नगर निगम में आता है और मेरी समस्या यह है कि गाय भैंस रोड पर ऐसे ही बैठी रहती है जिसके कारण कई बार एक्सीडेंट भी हो चुके हैं और कई लोग चोटिल हो चुके हैं नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद कभी भी इस बात पर कोई भी निर्णय नहीं लिया जा रहा है और ना ही कोई फैसला आ रहा है जिसके कारण भाई बहुत से लोग परेशान है क्योंकि वह रोड पर बैठी रहती है और निकलने में एवं जवान में बहुत दिक्कत हो रही है धन्यवाद
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा पशुपालन के बारे में बता रहे हैं अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
मैं दानिश टेंपल रोड पर जो की रहता हूं और वहीं का निवासी हूं मैं यह बताना चाहता हूं कि मैं कई बार सफाई को लेकर बहुत बार अपने मोहल्ले में बात कर चुका हूं लोगों को मना कर चुका हूं कि कूड़ा रोड़ों पर ना फेक फिर भी कोई लोग बात नहीं मान रहा है और मैं कई बार लोगों से कहता हूं की गंदगी करेंगे हमारे लिए ही नुकसान है कोई लोग इस पर कुछ नहीं कर रहे हैं तो यह बताइए मैं क्या करूं जिससे लोग रुक जाए
अगर हम रोड़ों पर निकलते हैं आज भी टीजिंग होता है हमारे साथ और बहुत सारी समस्याएं ऐसी हैं जिनको हम घर पर बोल भी नहीं सकते हैं क्योंकि कई बार समस्याएं हिंसा का रूप ले लेती हैं इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी समस्याएं जल्द से जल्द बेहतर तरीके से सही कर दी जाए
मुद्दा बनाया जातिवाद कई समस्याओं का करना पड़ता है सामने अगर हम हिंदू एवं दलित हैं तो हमको कई बार अपने काम को लेकर बातें सुनने को मिलती है और हमारे समस्याओं को कोई सरकारी विभाग कार्यवाही नहीं करता है वह लोग सिर्फ हमको गलत की निगाह से देखते हैं
हम डालीगंज निवासी कंसिस्टेंट के पास रहते हैं और जब भी बारिश होती है तो नालियां डब्बा डब भर जाती हैं और कई बार गंदा पानी हमारे घर की ओर आ जाता है लेकिन कोई भी इस समस्या को ले नहीं रहा है और सुन नहीं रहा है बलवानी सुन मैं चाहती हूं और समस्या का हल निकाले
दोस्तों, सरकारी स्कूलों की बदहाली किससे छुपी है? इसी कारण देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था, प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक, पूरी तरह से बाजारवाद में जकड़ गई है। उच्च व मध्यम वर्ग के बच्चे तो प्राइवेट स्कूलों में अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। नेताओं और नौकरशाह की बात तो दूर अधिकांश विद्यालय में कार्यरत शिक्षक के बच्चे भी सुविधा संपन्न प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई करते हैं भला ऐसे में सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा की चिंता किसे होगी? देश के छोटे से छोटे विकास खंड में सरकारी स्कूलों में करोड़ों खर्चे जाते हैं फिर भी उनका स्तर नहीं सुधरता। -------------तो दोस्तों, आप हमें बताइए कि आपके गांव या जिला के स्कूलों की स्थिति क्या है ? -------------वहां पर आपके बच्चों को या अन्य बच्चों को किस तरह की शिक्षा मिल रही है ? -------------और आपके गाँव के स्कूलों में स्कुल के भवन , बच्चों की पढ़ाई और शिक्षक और शिक्षिका की स्थिति क्या है ? दोस्तों इस मुद्दे पर अपनी बात को जरूर रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर या मोबाइल वाणी एप्प में ऐड का बटन दबाकर।
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