झारखंड के कई जिलों में आकाश में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान चढ़ गया है इस कारण राज्य के करीब करीब सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेसि से अधिक हो गया है देश के पश्चिमी हिस्से से में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना रहा है इसका असर झारखंड के कई जिलों में बुधवार से दिखने लगेगा इस कारण राज्य के कई हिस्सों में हल्के से मध्य दर्ज की बारिश हो सकती है गुरुवार को भी इसका असर रहने की उम्मीद है बुधवार और गुरुवार को हजारीबाग और पलामू प्रखंड के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में हल्के से मध्य दर्ज की बारिश हो सकती है दो तीन और चार फरवरी को मौसम शुष्क रहेगा कोहरा और ढूंढ हो सकता है 5 फरवरी से मौसम की मिजाज फिर बदल सकती है इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है
आर्थिक समीक्षा या सर्वेक्षण एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें बीते एक वित्तीय वर्ष की अवधि के आर्थिक विकास की समीक्षा की जाती है इस सर्वेक्षण के लिए विभिन्न क्षेत्रों उद्योगों कृषि औद्योगिक उत्पादन रोजगार महंगाई निर्यात से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है इसमें धन आपूर्ति और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे उन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है क्योंकि इन चीजों का असर भी भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है इस सर्वेक्षण को वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले आर्थिक विभाग द्वारा तैयार किया जाता है यह सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के दिशा निर्देश में तैयार होता है आर्थिक समीक्षा वित्त मंत्रालय का एक अहम वित्त दस्तावेज होता है इस समीक्षा से देश भर में हुए आर्थिक विकास के बारे में पता चलता है इस समीक्षा को चालू वित्त वर्ष को लेकर केंद्र सरकार के रिपोर्ट के तौर पर भी देखा जाता है और इससे यह भी पता चलता है कि अगले वित्त वर्ष की दिशा कैसी होगी
संसद की दोनों सदनों की समक्ष रखा जाने वाला वार्षिक वित्तीय विवरण केंद्र सरकार का बजट कहलाता है इस विवरण में एक वित्तीय वर्ष की अवधि शामिल होती है भारत में वित्तीय वर्ष हर वर्ष 1 अप्रैल को आरंभ होता है विवरण में वित्तीय वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों तथा व्यय का ब्यौरा शामिल होता है साधारण भाषा में कहे तो खर्च और कमाई के लेखा-जोखा को ही बजट कहते हैं केंद्र सरकार का जो बजट पेश करती है उसे आम बजट या केंद्र बजट कहा जाता है या बजट पूरे देश के लिए बनाया जाता है
हममें से कई ऐसे सोच सकते हैं कि सरकार अपनी इच्छा से जितना चाहे लगा सकती है ऋण ले सकती है तथा धन खर्च कर सकती है पर ऐसा नहीं है क्योंकि संसाधनों की एक सीमा होती है इसलिए विभिन्न सरकारी गतिविधियों के लिए संसाधनों के आवंटन की उचित बजटीय है व्यवस्था की आवश्यकता होती है सरकार की स्थिरता के लिए सोच समझ कर खर्च करना अनिवार्य है तथा इस तरह खर्च करने की पहली आवश्यकता है समुचित आय पूरी तरह योजना बनाकर आय व्यय का सटीक अनुमान सरकार की वित्तीय स्थिति की मजबूती के लिए जरूरी है
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साल 1860 में पेश हुआ था भारत का पहला बजट भारत का पहला बजट आज से लगभग 163 वर्ष पहले 7 अप्रैल 1860 को ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश राज के लिए पेश किया था भारत के स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री ने बजट पेश किया था
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार।
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