उत्तर प्रदेश राज्य के श्रवस्ती जिला से पूनम वर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जब महिलाएं शिक्षित होंगी तभी समाज में और जागरूकता आएगी। स्त्री को अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वह अपने बच्चों की शिक्षा के बारे में अच्छी तरह से सोच पाएगी और बालिका बाल विवाह से दूर रह पाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रवस्ती जिला से पूनम वर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि लैंगिक असमानता बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही है
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से अनीता मिश्रा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण किया जाना चाहिए दूसरी ओर, कारखानों में भी पेड़ों की अत्यधिक कटाई पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और उन्हीं लोगों को मशीनें लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए जो औद्योगिक अपशिष्ट और मशीन के धुएँ के निपटान के लिए उचित व्यवस्था करने में ध्यान दे । वाहनों पर साइलेंसर लगाए जाने चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकरों आदि के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए पेड़ लगाए जाने चाहिए। पेड़ों को कम से कम काटा जाना चाहिए। सरकार को पर्यावरण प्रदूषण के लिए उचित कदम उठाने होंगे और इसके खिलाफ नए कानून जारी करने होंगे। प्रत्येक व्यक्ति को जलाशय में कचरा और गंदगी आदि नहीं फेंकनी चाहिए। मनुष्यों को कोयला और पेट्रोलियम जैसे उत्पादों का उपयोग संयम से करना चाहिए।
भीषण गर्मी और लू के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं, इन सभी खतरों से निपटने के लिए हमें तैयारियां करनी होंगी।
साथियों, यह दिन बेहद ही खास होता है क्यूंकि जगह -जगह पर स्वास्थ्य संगठनों एवं समाज सेवियों द्वारा रक्तदान शिविर लगाई जाती हैं और स्वस्थ्य लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इतना ही नहीं लोग इस दिन बड़े ही उत्साह और निःस्वार्थ भाव से अपने स्वेच्छापूर्वक रक्तदान करते हैं और जरूरतमंद लोगों तक ब्लड पहुँचाने में अपना योगदान देते हैं। तो,आइये हम सब मिलकर रक्तदान की इस मुहीम से जुड़े और विश्व रक्तदाता दिवस में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मोबाइल वाणी परिवार की ओर से आप सभी श्रोताओं को विश्व रक्तदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।
बढ़ती गर्मी से जीवन अस्त व्यस्त
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.
उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जा पुर जिला से आकाश बिन्द मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि बेटियों की संख्या दिनों दिन घटती जा रही है ऐसे में हमे बेटियों पर खास ध्यान देना होगा बेटों के जैसे ही बेटियों को पढ़ाई करवानी होगी और बाकी अधिकार भी समान रूप से देना होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर जिला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं को भी पुरूषों की तरह अधिकार मिलने चाहिए
