उत्तर प्रदेश राज्य से अमित शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनील राय से बात किया, उन्होंने बताया की महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए गए हैं। और यही वजह है कि आज देश में पुरुषों के साथ मिलाकर चल रही है। हालांकि भारत विशाल देश का भाव है तो ऐसे में महिलाओं के साथ काफी भेदभाव भी देखने को मिलता था इसके साथ ही महिलाओं के साथ भेदभाव होता रहा है । आज महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिया जाता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला से नीलू मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की भूमि का अधिकार विशेष रूप से पुरुषों के नाम पर होता था , अब वह अधिकार महिलाओं को भी दिया जाता है। इसलिए महिलाओं को आगे बढ़कर अपना व्यवसाय व रोजगार में मदद करनी चाहिए, हर चीज की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि वे गरीबी से बाहर आ सकें और आगे बढ़ें, अपने व्यवसाय का ध्यान रखें, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें सके। नीलू का कहना है की इस अधिकार के बारे में वो समूह को महिलाओं को जागरूक करती है।

शुरू हो रहा है बच्चों से जुड़ी कहानियों और किस्सों का सिलसिला | जहाँ मनाएंगे बचपन, बच्चों के अंदाज़ में | सुनियेगा ज़रूर, बचपन मनाओ, बढ़ते जाओ और मोबाइल वाणी की ये खास पेशकश |

यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गयी मल्टी टास्किंग नॉन टेक्निकल के 4887 और हवलदार के 3439 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी बोर्ड से दसवीं पास किया हो , इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 27 वर्ष होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.sarkariresult.com/ssc/ssc-mts-2024/ .याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 /07/2024 है ।

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यह कार्यक्रम बताता है कि गर्मी में घर को कैसे ठंडा रखा जा सकता है। इसमें एक परिवार पुराने तरीकों जैसे मिट्टी, बांस और छत पर पौधे लगाने के बारे में सीखता है। साथ ही, नए तरीके जैसे खास पेंट भी बताए गए हैं। कार्यक्रम यह संदेश देता है कि ऐसे घर बनाना चाहिए जो गर्मी कम करें और पर्यावरण के लिए अच्छे हों। इस गर्मी में आपका घर कितना गर्म रहता है ? अपने घर को ठंडा रखने के लिए आपने क्या उपाय किये ?

साथियों, आपके यहां पानी के प्रदूषण की जांच कैसे होती है? यानि क्या सरकार ने इसके लिए पंचायत या प्रखंड स्तर पर कोई व्यवस्था की है? अगर आपके क्षेत्र में पानी प्रदूषित है तो प्रशासन ने स्थानीय जनता के लिए क्या किया? जैसे पाइप लाइन बिछाना, पानी साफ करने के लिए दवाओं का वितरण या फिर पानी के टैंकर की सुविधा दी गई? अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो आप कैसे पीने के पानी की सफाई करते हैं? क्या पानी उबालकर पी रहे हैं या फिर उसे साफ करने का कोई और तरीका है? पानी प्रदूषित होने से आपको और परिवार को किस किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं?

उत्तर प्रदेश में एक धार्मिक कार्यक्रम में भगदड़ में कई लोगों की दुखद मृत्यु हो गई यह घटना एक बार हुई थी। इसके बाद यह समझाया गया कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। भारत में भगदड़ की कई घटनाओं में गंभीर चोटें आई हैं और कई लोगों की मौत हुई है। कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैंः सबरीमाला भगदड़ दो हजार ग्यारह यह घटना केरल के सबरीमाला मंदिर में हुई थी जिसमें कई लोग मारे गए थे। चबूतरे पर रहना दिल्ली के इस कालाजी मंदिर में भगदड़ मच गई थी जिसमें चबूतरा गिरने से कई लोगों की जान चली गई थी। भगदड़ के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें से मुख्य भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स तोड़ना है।

उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर से आकांक्षा श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति पर अधिकार मिलना चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने पैतृक संपत्ति पर बेटियों के अधिकार के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि बेटे शादी तक ही बेटे रहते हैं लेकिन बेटी हमेशा बेटी होती है। शादी के बाद बेटों के इरादों और व्यवहार में बदलाव आते हैं, लेकिन बेटी जन्म से लेकर मृत्यु तक माता-पिता की प्यारी बेटी होती है। दो हजार पाँच में, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में एक संशोधन किया गया था, जिसमें पहली बार बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया गया था, लेकिन यह अधिकार उन लोगों को दिया गया था जिनके पिता की मृत्यु 9 सितंबर दो हजार पाँच के बाद हुई थी, सर्वोच्च न्यायालय ने इस तारीख और वर्ष की शर्त को समाप्त कर दिया।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...