N.n

N k

Nanhi Kali boli

संग्रामपुर दोपहर 1:00 बजे संग्रामपुर मुख्यालय से अमेठी रोड की पर एक किलोमीटर भेटुआ दोपहर 1:00 से टिकरी चौराहा से जामों रोडपर रोडपर1 किलोमीटर

गाजीपुर। नंदगंज बाजार और रेलवे स्टेशन सहित बंदरों के आतंक से लोगो परेशान है। बंदर इतना उत्पात मचा रहे हैं कि लोग सुबह शाम को रेलवे स्टेशन व अन्य जगहो पर मॉर्निंग वॉक करने में भय खा रहे है। नंदगंज बाजार के दुकानदार व ठेला वाले भी इनके आतंक से परेशान है। ये कभी फल तो कभी कुछ सामान लेकर भाग जा रहे है। बन्दरों ने इतना आतंक मचा रक्खा है कि रात और दिन में लोगो की छतो और बालकनी पर घूम रहे है जिससे  घर की औरते अपने घर के ऊपर छत पर आना जाना कम कर दिया है ।अगर वह जा भी रही है तो डर डर के और साथ में डंडा लेकर। बन्दर छत पर फैलाये गए कपड़े को नोंचकर फाड़ देने के साथ ही पानी टंकी का ढ़क्कन खोलकर फेंक दे रहे है। आए दिन बंदर घर मे घुस कर रसोई घर में तो कभी फ्रीज में रक्खा सामान निकाल कर खा जा रहे हैं और फेक दे रहे है।लोगो ने बताया कि दर्जनों की संख्या ये बंदर झुंड बनाकर चल रहे है और घर का  सामान लेकर भागने के साथ साथ बच्चो व बड़ों को काटने के लिए भी दौड़ा ले रहे है। रेलवे स्टेशन पर तो ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को आये दिन इन बन्दरों से ज्यादा जुझना पड़ता  रहता है। इस समय इन बन्दरों के छोटे बच्चे ज्यादा उत्पाति हो गये है। ये जहाँ  थोड़ा सा  ची – ची कर दे रहें है कि बड़े बंदरों का झुण्ड एकत्र होकर आक्रमण कर दे रहें है। इस समय बंदरों कि संख्या ज्यादा हो गई है।  ये आपस में भी लड़ते झगड़ते रहते है। इनके इस लड़ाई में कोई बीच में आ गया तो उस बेचारे की खैर नहीं। उसे जख्मी होना ही है। बंदरों ने अब तक बहुत से लोगों को काट कर घायल भी कर चुके है। बंदरों के आतंक से लोग इतने डरे हुए है कि अपने बच्चो को स्कूल व ट्यूशन पढ़ने के लिए भेजते समय उन्हे हर समय  अपने मासूम बच्चो की चिंता सताती रहती है कि कही  कोई उत्पाति बंदर काट न लें। इस समय बाजार में बन्दरों ने लोगो का राह चलना मुश्किल कर दिया है। क्षेत्र के लोगो ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि उक्त बंदरो को पकड़वा कर व्यवस्थित रक्खा जाय जिससे लोगो को राहत मिल सके।

मैं मोबाइल पहाड़ी से प्रमीला यादव हूँ । आज मैं आपको एक बहुत ही स्वादिष्ट दाल की पूरी बनाने का तरीका बताऊंगा । मैं चना दाल लूंगा । मैं इसे दस से पंद्रह मिनट के लिए भी दूंगा । फिर हरी मिर्च डालें । जीरा को खून और काले रंग में डालें और उन्हें थोड़े से तेल में पकाएं , फिर उन्हें एक मिक्सर में या मोर्टार और मूसल पर पीसकर तैयार करें । फिर हम आटा लेंगे , दो बड़े चम्मच तेल , नमक , अजवाइन डालेंगे और इसे आटे के साथ मिला देंगे । उसके बाद , हम इसे लेंगे और फिर हम आटे का आटा बनाएंगे , इसे दाल से भरेंगे और एक बावड़ी लेंगे । उसके बाद , हम या तो इसे एक तौलिया पर लटका देंगे । या हम इसे तेल में तलेंगे , दाल पक जाएगी और हम इसे आलू , टमाटर , सब्जी , आलू , टमाटर , कटे हुए के साथ परोसेंगे , फिर प्याज का पेस्ट डालें और आलू और टमाटर पकाएँगे । फिर धनिया , जीरा , काली मिर्च पाउडर , इलायची , लौंग , दालचीनी और नमक डालें ।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

विकास खण्ड कसमंडा के क्षेत्रपाल बाबा धाम में आयोजित श्री रुद्रमहायज्ञ एवं भक्ति ज्ञान सम्मेलन के सत्रहवें आयोजन के प्रथम दिवस पर कलश यात्रा भव्य तरीके से निकली गयी। मंगल कलश शोभायात्रा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से होते हुए रामघाट से जल भरकर वापस यज्ञ स्थल पहुची। जहाँ पर विधिविधान से भक्ति ज्ञान सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। छत्रपाल बाबा धाम में प्रारंभ हुआ सप्त दिवसीय सप्तदशम रुद्र महायज्ञ एवं भक्ति ज्ञान सम्मेलन में आचार्य ओपी तिवारी , पारसनाथ पाण्डेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश यात्रा छत्रपाल बाबा धाम से शुरू होकर ठठूरा स्थित अति पावन उत्तर दिशा को प्रवाहित स्थान रामघाट पहुंची जहाँ से यजमान सुशील मिश्र एवं आशा मिश्रा सहित सौभाग्यवती महिलाओं एवं लडकियों ने कलश में जल भरकर एवं पूजा अर्चन के साथ पुनः छत्रपाल बाबा धाम स्थान पर पहुँच कर कलशों को यज्ञशाला में स्थापित किया। यज्ञाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने बताया कि सम्मेलन में संतो महंतो के प्रवचन के साथ महाशिवरात्री पर एक सौ पैैंसठ सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा आज रात में कवि सम्मेलनका आयोजन होगा।उक्त कार्यक्रम में अवधेश मिश्र ,सुधा मिश्रा , सुधीर मिश्र , ललित मोहन , नेवल रावत ,राजकुमार यादव ,नरेन्द्र रावत , नीरज यादव , निधी मिश्र ,शिखा ,महेश्वरी , नीलम सहित सैकडों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।