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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में पढ़ी लिखी महिलाएं घर पर बैठी हुयी हैं उन्हें बाहर निकलने से रोका जाता है। कुछ महिलाओं के पास इतना पैसा नहीं है कि वे कोई व्यवसाय शुरू कर पाए कुछ महिलाओं की मजबूरिया हैं जिसके कारण वे नौकरी नहीं कर पाती हैं साक्षात्कार में भाग नहीं ले पाती हैं। उनकी भी तमन्ना है वे बाहर जाए घूमे नौकरी करें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हमारे देश में महिलाओं को सभी के साथ चलना चाहिए और कदम-दर-कदम चलना चाहिए। भय भी होना चाहिए क्योंकि जिस तरह एक पुरुष को भूमि का अधिकार है, उसी तरह एक पत्नी को भी भूमि का अधिकार है। क्योंकि मान लीजिए कि यदि पति घर से आया है और पत्नी नहीं है, तो पत्नी का भी भूमि अधिकारों में हिस्सा होना चाहिए। हर देश में, हर देश में जिन महिलाओं के पति या सात ससुर हैं, वे डर के कारण दबाव में घर पर बैठी हैं और बाहर नहीं निकल पा रही हैं, इसलिए ऐसा नहीं होना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और सत्तारूढ़ दल की लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं ऐसी ही एक व्यवस्था है। जिसमें सरकार और सत्तारूढ़ दल को नियमित अंतराल पर लोगों द्वारा चुना जाता है, वे दुनिया भर में फैले हुए हैं और लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित हैं जिसमें लोगों को अपने नेताओं को चुनने की स्वतंत्रता है। सरकारी निर्णयों को चुनने और उनमें भाग लेने की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समान संवेदनशीलता और सरकारी प्रतिनिधित्व के माध्यम से संरक्षित किया जाता है। ये प्रक्रियाएँ लगातार विकसित हो रही हैं ताकि लोगों का विश्वास और विश्वास सुरक्षित रहे। सत्तारूढ़ दल के लिए समर्थन बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका अर्थ है कि सरकार की स्थापना लोगों द्वारा चुने गए नेताओं और उनके कार्यकाल को पूरा करने के माध्यम से की जानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला से शीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की महिलाओं के सशक्त बनाने के लिए घर के लोगो की ही भूमिका महत्वूर्ण होती है। महिलायें घर से बाहर निकल कर ही कुछ करा सकती है और अपने सपनो को जी सकती है

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

उत्तरप्रदेश राज्य से पूनम वर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि हमें पर्यावरण को साफ़ रखने के लिए गंदगी नहीं फैलानी चाहिए ,हरे पेड़ नहीं काटने चाहिए। यदि हम आसपास पेड़ लगाएंगे ,तो हमें हवा और ऑक्सीजन भी मिलती है और हम अपने पास मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकाल सकते हैं और खुली हवा में ले सकते हैं। पेड़ लगाने से शरीर भी स्वस्थ रहता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के थाना हुजूरपुर तहसील प्रयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि हमारे देश में पेड़ आवश्यक है और जहां पेड़ नहीं है वहां अत्यधिक समस्या है.पेड़ ना होने के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। अधिक तपमान के वजह से बीमारियां भी होती हैं।