आंदर प्रखंड के मानपुर पतेजी पंचायत के वार्ड संख्या दो में बिना एस्टीमेट और बिना जेई और बीडीओ के अनुमति के स्थानीय मुखिया लाल मुन्नी देवी द्वारा जेसीबी से नाला निर्माण कराने का मामला सामने आया है। वही कार्य में अनियमितता को देखते हुए स्थानीय बीडीसी गुलशन खातून एवं उनके पति एजाज खान ने इस मामले में बीडीओ को जानकारी देते हुए कार्य का विरोध करते हुए तत्काल रोक लगा दिया है। जिसके बाद आज विभागिए जेई मौके पर पहुंची तो बीडीसी ने उनसे कई तीखे सवाल किए उन्होंने कहा कि आपके बिना अनुमति का यह नाला निर्माण कैसे हुआ तो इस पर जेई भड़क उठी। खबर को पूरा सुनने के लिए ऑडियो लिंक पर क्लिक करें
सिवान: दरौली बाजार स्थित सेंट्रल बैंक में प्रबंधक की मनमानी से नाराज खाताधारकों ने जमकर हंगामा किया । हंगामा कर रहे लोगों ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लगभग 20 दिनों से घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपए नहीं मिल पा रहा है। रोज यही कहा जा रहा है कि पैसे खत्म हो गए हैं। हालांकि मोटी रकम वाले लोगों को पैसे दिए जा रहे हैं। लेकिन हजार, दो हजार, 5000 का ट्रांजैक्शन नहीं किया जा रहा है। जिससे आम गरीबों को परेशानी हो रही है। हमेशा कल आने के लिए बोला जाता है। और आने पर घंटों लाइन में खड़े होने के बाद लौटने के लिए कहा जाता है। खबर को पूरा सुनने के लिए ऑडियो लिंक पर क्लिक करें
सिवान दरौली विधानसभा क्षेत्र समेत समूचे जिले के लोहार जाति के लोग द्वितीय चरण के जाति आधारित गणना का बहिष्कार कर रहे हैं। इसका कारण है कि सरकार ने लोहार जाति का कोड अलग से ना देकर बल्कि कमार जाति में दे दिया है, जो इनको मंजूर नहीं है। वहीं इसको लेकर पूरे जिले में जाति जनगणना का लोहार जाति बहिष्कार कर रहे हैं। लोहार जाति अपने लिए अलग कोड निर्धारित करने का मांग कर रहे हैं। हालांकि सांख्यिकी पदाधिकारी कृष्ण कुमार मांझी ने काफी समझाने का प्रयास किया। खबर को पूरा सुनने के लिए ऑडियो लिंक पर क्लिक करें
भारत की बेरोजगारी दर चार महीने में सबसे उच्च स्तर पहुंच गई है। जैसा कि हर साल भारत की वर्कफोर्स को ज्यादा लोग ज्वाइन करते हैं। ऐसे में आने वाले समय में भी बेरोजगारी दर सरकार के लिए एक कठिन चुनौती रहेगी। रिसर्च फर्म सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकॉनमी से लिए डेटा के मुताबिक, देश भर में नौकरी जाने की दर अप्रैल में 8.11 फीसदी हो गई है, जो मार्च में 7.8 फीसदी थी। यह दिसंबर के बाद से सबसे ज्यादा नौकरी जाने की दर है। इसी अवधि में शहरी बेरोजगारी 8.51 फीसदी से 9.81 फीसदी हो गई है।भारत का लेबर फोर्स 2.55 करोड़ लोग बढ़कर 46.76 करोड़ हो गया है। अप्रैल में लेबर पार्टिसिपेशन रेट बढ़कर 41.98 फीसदी हो गया है जो पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा है। जो नए लोग रोजगार के लिए मार्केट में आए हैं उनमें से 87 फीसदी को नौकरी मिल गई हैं। क्योंकि अप्रैल महीने के दौरान अतिरिक्त 2.21 करोड़ नौकरियां क्रियेट की गईं। अप्रैल में रोजगार दर बढ़कर 38.57 फीसदी हो गया, जो मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है।CMIE के आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक नौकरियां क्रियेट की गईं। ग्रामीण श्रम बल में शामिल होने वाले लगभग 94.6 फीसदी लोग रोजगार प्राप्त कर चुके हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में केवल 54.8 फीसदी को नई नौकरी मिली है। CMIE का निष्कर्ष इस तथ्य की पुष्टि करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के रोजगार गारंटी कार्यक्रम की मांग कम हो रही है।अपने अप्रैल के बुलेटिन में, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि सर्दियों की फसल की बेहतर बुवाई और रोजगार में सुधार के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत काम की मांग जनवरी से कम हो रही है।साथयों,भारत में बढ़ती बेरोजगारी का कारण क्या है ?सरकार को बेरोजगारी दूर करने के लिए कौन से कदम उठाने चाहिए ?अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नंबर 3.
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