सोनपुर मेला में कृषि विभाग की प्रदर्शनी के उद्घाटन नहीं होने से किसान हो रहे मायूस कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के पौधे, फूल बना आकर्षण का केंद्र सोनपुर । विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में कृषि विभाग के द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का उद्घाटन नही होने के कारण किसान प्रदर्शनी में तो पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें कृषि से संबंधित जानकारी नहीं मिलने के कारण वह वापस मायूस होकर घर लौट रहे हैं । इसका मुख्य कारण मेले के उद्घाटन 25 नंम्बर के होने के बावजूद अभी तक 9 दिन गुजर गए लेकिन इस प्रदर्शनी का उद्घाटन नहीं हुआ। यहां हल बैलों की बजाय आधुनिक तकनीक पर आधारित होते जा रहे खेती बाड़ी की महत्वपूर्ण जानकारियों से लैस होने के बावजूद किसान इसका संपूर्ण लाभ नहीं उठा पा रहे हैं कहने के तो भारत कृषि प्रधान देश है लेकिन किसानों को सही जानकारी सोनपुर मेले में पूर्ण रूप से प्रदर्शनी के उद्घाटन स- समय से नहीं होने के कारण अधिकांश किसान सरकारी योजनाओं एवं नई-नई तकनीकी की जानकारी हासिल होने से वंचित हो जाते हैं । जिससे किसानों की खेती से संबंधित जानकारी के अभाव में उनके फसले तो बर्बाद होते ही हैं साथ-साथ उनके आर्थिक क्षति भी होती है । सोनपुर मेला में लगायी गयी कृषि प्रदर्शनी मकई, चना, धान ,गेंहू तथा ईख, फल,फूल सब्जियों की खेती किस तौर-तरीके से किया जाए इसका बड़ा ही उत्तम प्रदर्शन इस प्रदर्शनी में उत्पादन की तकनीक दिखलाया गया है । मेले देखने आए किसानों ने बताया कि मेले के उद्घाटन के दो दिन के बाद ही कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन अगर होती तो निश्चित ही राज्य के कोने-कोने से आने वाले लाखों किसान जो सरकार की योजनाओं एवं नई-नई जैविक खेती करने एवं कृषि से संबंधित जानकारी मिल पाती लेकिन सरकार के मानसा सही नहीं होने के कारण लाखों किसान जानकारी से वंचित हो जाते हैं। कई किसानों ने मायूसी आवाज में बताया कि उद्घाटन नहीं होने से अंदर ही अंदर इस मेले में वह रौनक नहीं आ रहा जो मूल रूप से आना चाहिए। यहां किसान संगोष्ठी भी आयोजित किया जाता था इस बार वह कार्यक्रम भी आधा अधूरा दिख रहा है।पम्पलेट भी वितरण नही हो रहा है । कहने को तो हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 32 दिनों की लगती है लेकिन यह मात्र जमीनी हकीकत 20 दिन तक ही मेला लगती है । सरकार अगर किसानों की अच्छी फसल व किसानों की आय कैसे दुगनी होऔर फसलें बर्बाद नहीं हो इस पर अगर गंभीरता से कार्य करें तो सा समय से मेला में लगायी जा रही पशुपालन विभाग व कृषि प्रदर्शनी सहित अन्य प्रदर्शनी समयानुसार उद्घाटन हो और किसानों को सही जानकारी दे जिससे किसानों की आय दुगनी हो सके। सोनपुर मेला पशु मेला के नाम से विख्यात मेल धीरे-धीरे अब यह सिमटती जा रही है। यहां पर गाय भैंस के नहीं आने से किसान भी परेशान है। कई पशु पालकों ने बताया कि अन्य जगहों पर गाय, भैंस की खरीद बिक्री होती है लेकिन सोनपुर मेले में गाय भैंस की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है इतना ही नहीं मेले में आने वाले किसानों ,व्यापारियों को पूर्ण रूप से सुविधा नहीं मिलने के कारण किसान और व्यापारी इस मेले में आने से हिचकिचा रहे हैं। पशुपालकों ने बताया कि किसानों को दूसरे जिले में जाकर गाय भैंस को खरीद रहे हैं इससे उन्हें काफी परेशानी होती है अगर सोनपुर मेले में भी गाय भैंस सहित अन्य पशुओं की बिक्री हो तो निश्चित ही इस हरिहर क्षेत्र पशु मेले के नाम से विख्यात यह मेला फिर से पहले जैसा परवान चढ़ना शुरू हो जायेगे ।
