विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर के प्रसिद्ध श्री गजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् नौलखा मन्दिर में भगवान के गर्भ गृह का पट 28 अक्टूबर को सायं चार बजे से बन्द हो कर अगले दिन 29 अक्टूबर को पांच बजे सुबह विशेष अभिषेक और नित्याराधन उपरान्त श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे। आश्विन शुक्ल पूर्णिमा शनिवार 28 अक्टूबर 2023 को रात्रि 1 बजकर 5 मिनट पर चन्द्रग्रहण लग रहा है। रात्रि 1 बजकर 44 मिनट पर चन्द्रग्रहण का मध्य तथा रात्रि 2 बजकर 24 मिनट पर मोक्ष अर्थात चन्द्रग्रहण समाप्त होगा। उपर्युक्त बातें हरिहर क्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने गुरुवार को कहा कि चन्द्रग्रहण में नौ घंटे पूर्व सूतक काल शुरू होने के कारण श्री गजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् में विराजमान श्री गजेन्द्र मोक्ष भगवान, श्री वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी भगवान सहित अन्य मंदिर में स्थापित देवी देवताओं का उस दिन पट द्वरा बंद रहेगा । शरद पूर्णिमा के दिन रात का खास महत्व रहता है और इसे कोजागरी पूर्णिमा,रास पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन, रात में चन्द्रमा की किरणों से अमृत बूंद बरसता है और चन्द्रमा की किरणों में दूध के बने खीर रखने से उसमें अमृत गुण आ जाता है। इसलिए खीर को चन्द्रमा की रोशनी में रखकर बाद में उसका सेवन करते हैं। चूंकि शरद पूर्णिमा की रात्रि में चन्द्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होते इसलिए चन्द्र किरणों का शरीर पर पड़ना बहुत ही शुभ माना जाता है।खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।