बिहार राज्य के सारण जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से साक्षी कुमारी बताती हैं की सोनपुर विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर के श्री गजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् नौलखा मन्दिर में रविवार को अमृतमयी वाणी में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस पर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने कहा कि सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती है। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि है। मनुष्य स्वंय को भगवान बनाने के बजाय प्रभु का दास बनने का प्रयास करें, क्योंकि भक्ति भाव देख कर जब प्रभु में वात्सल्य जागता है तो वे सब कुछ छोड़ कर अपने भक्तरूपी संतान के पास दौड़े चले आते हैं। गृहस्थ जीवन में मनुष्य तनाव में जीता है, जब कि संत सद्भाव में जीता है। यदि संत नहीं बन सकते तो संतोषी बन जाओ। संतोष सबसे बड़ा धन है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
