-महाशिवरात्रि को लेकर शनिवार को सुबह में श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में गंगा व नारायणी नदी में डुबकी लगाकर जयघोष करते हुए बाबा हरिहर नाथ के जयकारों के साथ हरिहर नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया । शिवरात्रि के लेकर भक्तगण काफी उत्साहित दिखे। सोनपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के हर शिवालयों में महादेव को जलाभिषेक करने को लेकर प्रायः सभी शिवालयों में दोपहर बाद तक भक्तो की भीड़ जुटी रही। सभी शिवालयों में बोलबम जयशिव और ॐ नमः शिवाय के जयकारे से मंदिर परिसर सहित आस-पास का वातावरण गुंजयमान रहा।इस दौरान कई शिवालयों में भक्तों द्वारा रुद्राभिषेक का भी आयोजन किया गया।वही कई शिवालयों में अष्टयाम और भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया।जहाँ जलार्पण करने पहुँचे भक्तगण इन आयोजनों में शामिल होकर अपने को धन्य-धान्य किये। हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक शुशील चन्द्र शास्त्री ने बताया की इस बार महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग बना है।इस दिन महादेव का जलाभिषेक दूध अथवा गंगाजल से करना भक्तो के लिये कल्याणकारी होने के साथ-साथ सुख,शांति और समृद्धि प्रदान करने वाली होती है। भरपुरा गौड़ी शंकर मंदिर, गजेंद्र नाथ मंदिर गंगाजल, पहलेजाघाट शिव मंदिर सहित हरिहर नाथ मंदिर से डेढ़ सौ से अधिक भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, माता पार्वती, गणेश ,लक्ष्मी ,सरस्वती ,काली, दुर्गा, विष्णु ,ब्रह्मा सहित अनेक देवी-देवताओं के स्वरूप के साथ भूत , पिचास, राक्षस , समाज मे जनजागरूकता को लेकर स्लोगन लिखे तख्तियां सहित बैनर के अलावा भारत माता व तिरंगे झंडे साथ हनुमान भी इस शिव बारात में शामिल होकर भगवान भोले के शिव बारात में शामिल होकर हरिहर नाथ मंदिर के मुख्य द्वार से शुरू होकर विभिन्न नगर पंचायत के सड़क मार्ग होते हुए सोनपुर महेश्वरी चौक के रास्ते रजिस्ट्री बाजार, गोला बाजार से लेकर दुधाईला बाईपास पर गाजे-बाजे ,ऊँट, घोड़े, बसहा बैल विभिन्न प्रकार के बैंड बाजों के साथ भारी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण इस शिव बारात में शामिल रहे ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें