सोनपुर--सामाजिक परिवर्तन के महानायक संत शिरोमणि गुरू रविदास की 646 वीं जयंती सोनपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम के साथ रविदास जयंती गाजे बाजे के साथमनाई गई । सभी लोगों ने उनके तैल चित्र एवं प्रतिमा स्थलों पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें नमन कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला । बतादे कि संत शिरोमणि रविदास ने शिक्षा ,संस्कार,मानव कल्याण ,धर्म के प्रति आस्था रखने को महत्वपूर्ण मानते थे । संत शिरोमणि रविदास का जन्म माघी पूर्णिमा के रविवार के दिन 1338 में वाराणसी के पास सीर गोवर्धनपुर गांव में हुआ था । उनके पिता का नाम राहू और माता का नाम करमा था जबकि पत्नी का नाम लोना बताया जाता है। रविवार के जन्म होने के कारण उनके पिता ने रविदास कह कर पुकारते थे । उन्हें क्या पता था कि उनका पुत्र एक समाज सुधारक के साथ ज्ञान वर्धक बातों के अलावा ईश्वर के प्रति आस्था रखने की प्रेरणा देने वाला संत शिरोमणि कहलाएंगे । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।