सरस्वती पुजन के उपरांत जलाशयों, नदियों में मूर्ति विसर्जन किए जाने की परम्परा रही है। मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम के दौरान आमजनो की सुरक्षा, भीड़, नियंत्रण तथा विधि व्यवस्था संधारण का अनुपालन करने हेतु सोनपुर अंचल अंतर्गत विभिन्न घाटों पर राजस्व कर्मचारी, गोताखोर तथा एस डी आर एफ की टीम प्रतिनियुक्त किया गया है। शनिवार को इस बात की जानकारी देते हुए अंचल अधिकारी सोनपुर विश्वजीत सिंह सिंह ने बताया कि गुरुवार के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित पूजा समितियों द्वारा किया गया था। जिसका विसर्जन शुक्रवार व शनिवार के दिन हुआ है । प्रतिमा विसर्जन घाटों पर किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लेकर विभिन्न नदियों एवं जलाशयों स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया था। जिसमें कालीघाट पर गोताखोर लम्बु कु. सहनी तथा राजस्व कर्मचारी अर्जुन मांझी को प्रतिनियुक्ति किया गया है। इसी प्रकार सवाईच घाट, पुलघाट पर भी अर्जुन मांझी को यह कार्य सौंपा गया है l पुलघाट पर दीपक सहनी को गोताखोर के रूप में तैनात किया गया है। पहलेजा घाट पर सोनू कुमार तथा लाली महतो को गोताखोर तथा अभिषेक कुमार राजस्व कर्मचारी को प्रतिनियुक्ति किया गया है। अंचलाधिकारी विश्वजीत सिंह ने यह भी बताया कि आनंदपुर घाट पर चंद्रदीप कुमार, शिकारपुर एवं कल्याणपुर घाट पर सुगेश्वर राम, जड़भरत स्थान चंद्रदीप कुमार, सबलपुर कुमार घाट तथा सुखदेव घाट और एन आई टी घाट पर संजय कुमार, गंगाजल घाट तथा नवलखा घाट पर प्रेमनाथ सिंह, डोमना घाट पर अभिषेक आनंद, सैदपुर घाट और कल्लूघाट पर संतोष कुमार, शोभेपुर घाट, डुमरी बुजुर्ग घाट और छितरपुर घाट पर गिरिधर गोपाल को प्रतिनियुक्ति किया गया है। रमसापुर घाट पर अभय राम को प्रतिनियुक्ति किया गया है। जबकि बनवारीचक घाट, महम्मदपुर रसूलपुर के साथ ही साथ महानदी घाट पर राजस्व कर्मचारी कुंदन कुमार को प्रतिनियुक्ति किया गया है। उपरोक्त बातों की जानकारी देते हुए अंचलाधिकारी बताया कि 27 और 28 जनवरी को मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुरक्षा के लिए यह व्यवस्था किया गया था । उन्होंने यह भी कहा कि पानापुर के एस डी आर एफ टीम 2 मोटरबोट एवं जवान के साथ हरिहरक्षेत्र सोनपुर के विभिन्न घाटों पर भ्रमण करते रहें। उन्होंने कहा कि सभी चिन्हित घाटों को स्वयं पहुंच कर उसका निरीक्षण किया और वहां के विधि व्यवस्था को भी देखते हुए उपस्थित कर्मियों को कई दिशा निर्देश दिए ।
