सोनपुर---रविवार को मकर संक्रांति का पर्व आस्था व श्रद्धा के साथ पूरे नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगो ने इस भीषण ठंड में भी श्रद्धालु भाड़ी संख्या में पहलेजाघाट दक्षिण वाहनी गंगा नदी व सोनपुर नारायणी नदी सहित अन्य नदियों में डुबकी लगायी और बाबा हरिहर नाथ के दरबार में पहुंचकर पूजा अर्चना किया । रविवार को सुबह में बढ़ती ढंड को देखते हुए कितने शरीर से असमर्थ लोगों ने घरों में स्नान कर विधि विधान के साथ सार्धलु पूजा अर्चना करते हुए घर के आसपास मंदिरों में पहुँच कर भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि का कामना करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से इस पर्व को मनाया । मकर संक्रांति का त्यौहार 2 दिन होने के कारण शनिवार के दिन भी महज 30 % लोगों ने मकर संक्रांति मनाया था लेकिन तिथि और नक्षत्र के अनुसार पंडितों द्वारा कहा गया था कि माघ कृष्ण अष्टमी तिथि रविवार को चित्रा नक्षत्र कर्मयोग होने एवं सूर्यदेव दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएंगे और 1 माह से चल रहे खरमास का भी समापन शनिवार की रात्रि में हो जाएगी इसलिए स्नान, दान पुण्य और मकर संक्रांति का महत्व को देखते हुए रविवार के दिन ही मकर संक्रांति मनाया जाए । इसलिए अधिकांश लोगों ने रविवार के दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया और इस दिन के बाद से मांगलिक कार्य आरंभ हो गया। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
