सोनपुर विगत 10 दिनों से लगातार कड़ाके की ठंड से जहां आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। इस ठंड से राहत के लिए अलाव की व्यवस्था करके इस ठंड से लोग राहत ले रहे हैं वही पशु चिकित्सक पदाधिकारी डॉ दीपक कुमार ने बताया कि पशुपालकों को भी पशु के इस ठंड के मौसम में विशेष सावधानी रखने की जरूरत है जिससे उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई पशुओं को ना हो। डॉ दीपक कुमार कहते हैं कि स्वस्थ पशुपालन उन्नत पशुपालन का नींव होता है। लेकिन सर्दी के मौसम पशुपालकों के इस नींव को ही हिला कर रख देता है । जाड़े के मौसम में नवजात बछड़ों की मृत्यु दर सर्वाधिक रहती है । वैसे तो बछड़ों के कुल 5 जानलेवा रोग हो जाता जिसमे निमोनिया, डायरिया, यकृत, शोथ ,कृमि रोग और अफरा में कफ डायरिया दूसरे स्थान पर है । लेकिन जाड़े के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में रखरखाव में लापरवाही के कारण पशुओं को ठंड मारना और इसके कारण पतला पैखाना होना पहले स्थान पर है ।ज़्यादा जानकारी के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।