सोनपुर मेला धीरे-धीरे जिला स्तर का मेला बन गया इसे पर्यटन विभाग अपने मानचित्र पर लाएं-- सोनपुर विधायक सोनपुर को जिला बनाने से सरकार के अनावश्यक खर्च पर लगेगी लगाम सोनपुर---विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले खट्टे मीठे, हर पल को याद दिलाते हुए यह मेला का समापन बुधवार के संध्या निर्धारित समय से 2 घंटे विलंब से पहुंचे प्रदेश के कला संस्कृति युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने इसका विधिवत समापन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की विकास एवं विस्तार के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मेले के पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक लुक प्रदान किया जा रहा है । आने वाले दिनों में इस मेले के नवीनतम तकनीकी से जोड़कर इसे रोजगार परक बनाया जाएगा । इस मेला को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा । बता दें कि इस मेले के समापन समारोह में 3 मंत्री व विधायक के अलावा अन्य गण्यमान्य लोगो का आगमन होने वाला था लेकिन वे लोग नही आये । इस समापन समारोह में पुलिस प्रशासन व सरकार की कार्यप्रणाली एवं हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला जो विश्व विख्यात मेला है इस मेले को धीरे-धीरे सिमटती देख यहां के विधायक डॉ रामानुज प्रसाद ने समापन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला धीरे-धीरे यह जिला स्तर का मेला बन गया है न जाने किसकी कुदृष्टि इस मेले में लग गई है। यह मेला राज्य का धरोहर ही नही बल्कि आर्थिक गतिविधियों का केंद्र और रोजगार का एक बड़ा माध्यम है । इसके पुराणिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसका विकास किया जाना चाहिए। मेले में आ रही गिरावट को देखते हुए 15 दिनों तक और विस्तार करने की जरूरत है । उन्होंने यह भी कहा कि 32 दिनों तक चलने वाली मेला में यहां जो खर्च कुछ बेतुकी होती है उस पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है । क्योंकि सोनपुर को अगर जिला बना दिया जाए तो यह मेले मे और चार चांद लग जाएगी । इस मेले के डाक बंगला मैदान के आसपास अंग्रेजी बाजार के इलाके में अस्थाई सारण का डीएम ,एसपी ,सिविल सर्जन व जिले के कई पदाधिकारियों का अस्थायी आवास बनाई जाती है जिसमे करोड़ो रूपये खर्च होती है लेकिन उसमें न लोग रहते हैं ना बैठते हैं सभी कार्य जिले से ही सभी अधिकारी मेला सम्बंधित मीटिंग कर रहे हैं जबकि पर्यटन विभाग के मिलने के पूर्व यह मेला का कार्यकाल एक माह तक सोनपुर के अस्थाई आवास से ही पूरे जिले के विधिव्यवस्था संचालित अधिकारी गण करते थे लेकिन अब ऐसा नही होता है । मेले के नाम पर करोड़ो रूपये अनावश्यक खर्च होती है अगर सोनपुर को जिला बना दिया जाय तो खर्च में भी बचत होगी साथ ही इस क्षेत्र के लोगों को जो 60 किलोमीटर जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न कार्य के लिए जाते हैं उनसे भी राहत मिलेगी । सोनपुर हर दृष्टिकोण से जिला बनाने के कोरम को पूर्ण करती है जब बिहार में छोटे-छोटे जिला बन सकते हैं तो सोनपुर क्यों नहीं बन सकती है । उन्होंने कहा कि सोनपुर को जिला बनाने के लिए सदन से लेकर सड़क तक आवाज बुलंद की है और करते रहेंगे । इस मेले को पुरानी परंपरा को भी कायम रखने के साथ मेले को और विकसित कैसे करे इस पर पर्यटन विभाग व सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। विधायक ने यह भी कहां की मेला के समापन के बाद भी यहां 15 से लेकर 1 माह तक बाहर से आए व्यापारियों का समान की खरीद- बिक्री होती हैं । ऐसे में मेले के समापन के उपरांत 15 दिनों तक दूर-दूर से आए व्यापारियों व खरीदारों के सुरक्षा ,साफ-सफाई, पानी ,बिजली की व्यवस्था हो जिससे यहां के व्यापारी अपना कारोबार अच्छी तरह से कर सके । उन्होंने मेला को 15 दिन तक सभी विधि व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने की मांग भी उन्होंने प्रशासन से की है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनपुर में टोपोलैण्ड की समस्या है जिसे सरकार को शीघ्र समाधान करनी चाहिए जिससे यहां के लोगो को जमीन के खरीद बिक्री के अलावा रोजगार को बढ़ाया जा सकें । उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के लोगो के समयनुसार खाद बीज उपलब्ध कराया जाय क्योंकि यहां खाद बीज स-समय से नही मिलती है । इसे पर भी ध्यान देने की जरूरत सरकार को है ।
